
मुंबई की मेयर ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र घोटाले में शामिल दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने का दिया आदेश
मुंबई। भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद किरीट सोमैया और मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने जन्म प्रमाण पत्र घोटाले को लेकर बैठक की। बैठक के बाद मेयर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि तीन बीएमसी अधिकारियों को निलंबित किया गया है और तीन अन्य का तबादला किया गया है। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
मेयर रितु तावड़े ने कहा कि पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता किरिट सोमैया और आरोग्य समिति के अध्यक्ष अरिश भाधिरगे की मौजूदगी में जन्म प्रमाण पत्र घोटाले पर बैठक हुई। जिसमें यह पाया गया है कि कम से कम 87,347 जन्म प्रमाण पत्र अवैध हैं। बैठक में बताया गया कि मुंबई महानगरपालिका के कम से कम 26 वार्डों से ये अवैध जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। अभी हाल ही में इस संबंध में जानकारी सामने आई है।
मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने कहा कि मुंबई नगर निगम के अंतर्गत 87,347 जन्म प्रमाण पत्र अवैध रूप से जारी किए गए थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा इन सभी मामलों की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन किया गया है। इन सभी प्रमाण पत्रों को पोर्टल से हटाने के आदेश दे दिए गए हैं। संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
मेयर ने कहा कि आर नार्थ और के वेस्ट में अवैध जन्म प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है, वहां संबंधित चिकित्सा अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। के वेस्ट में वैशाली खाड़े, आर नार्थ में सुनीता पवार और ई वार्ड में नितीश ठाकुर को उनके पद से निलंबित किया गया है। इसके अलावा, ई, एल और और आर वार्डों में नए चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
यह पूरा मामला मुख्यतः मुंबई महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से सामने आया है।
बैठक में इस पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि पिछले लगभग 25 वर्षों से चल रही अनियमितताओं का हिस्सा है, जिसे अब उजागर किया जा रहा है। वर्तमान में इससे जुड़े कई लोग 30 से 40 वर्ष की आयु के हो चुके हैं।
मेयर ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में मुंबई महानगरपालिका में बैठे अधिकारी क्या कर रहे थे, जब उनके नाक के नीचे इतना बड़ा घोटाला चलता रहा?
मुंबई में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को हटाने की जो मुहिम हमने शुरू की, उसी के साथ यह भी सामने आया कि 87,347 जन्म प्रमाण पत्र अवैध तरीके से जारी किए गए हैं। इन फर्जी प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की कार्रवाई आज की नहीं है, बल्कि पिछले 25–30 वर्षों से चल रहे इस पूरे मामले को अब उजागर किया जा रहा है। इस मुद्दे को किरीट सोमैया लगातार उठा रहे हैं।
अब तक कई चिकित्सा अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। कुल मिलाकर कम से कम 5 अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जिनमें हाल ही में 3 और पहले 4–5 अधिकारी शामिल हैं।
जिन अधिकारियों पर लंबे समय से एक ही स्थान पर रहते हुए अनियमितताओं में शामिल होने का संदेह है, उन्हें स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि वे एक ही जगह पर प्रभाव न जमा सकें।
इस पूरे मामले में व्यापक स्तर पर जांच और सख्त कार्रवाई की मुहिम शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में इस मामले में एफआईआर दर्ज होने और बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र घोटाले का और खुलासा होने की संभावना है। मुंबई शहर में सामने आए 87,347 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र इस बड़े षड्यंत्र की ओर संकेत करते हैं।
वहीं, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, बीएमसी में 29 वर्षों से माफिया का राज चल रहा है, जिसमें कई भ्रष्ट अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने एक बार फिर व्यवस्था में ऐसी अनियमितताएं की हैं। आज की बैठक में महापौर ने आदेश जारी किए हैं और इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन किया है। हर भ्रष्ट नगर निगम अधिकारी और माफिया ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोमैया ने कहा, ये अवैध घुसपैठिए हैं जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं और उन्होंने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किए हैं। हजारों घुसपैठियों की पहचान की गई है; इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन यह सब गलत है, और यह एक सच्चाई है। पिछले दो वर्षों में यह एसआईआर आने वाला है, और इसके लिए हमने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने की एक बड़े पैमाने पर साजिश और घोटाले का पर्दाफाश किया है। मुंबई शहर में अवैध प्रक्रियाओं के माध्यम से 87,347 ऐसे जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए। आज की बैठक में नगरपालिका ने स्वीकार किया है कि ये प्रमाणपत्र गलत तरीके से जारी किए गए थे। महापौर ने इन प्रमाणपत्रों को रद्द करने का आदेश दिया है। -आईएएनएस
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