
कानूनी कार्रवाई झेलने को तैयार रहें आरोपी, रेप रिश्वत कांड पर बोलीं डॉ. गुरप्रीत कौर मान
पटियाला । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान पर रेप केस को दबाने के लिए बदले पांच करोड़ रुपए की कथित रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। इस मामले में उन्होंने मीडिया के सामने बेबाक से अपनी राय रखी और विरोधियों को फर्जी आरोपों के लिए कानूनी कार्रवाई झेलने की चुनौती भी दी।
पटियाला के एक महिला प्रोग्राम में भाग लेने पहुंची डॉ. गुरप्रीत कौर ने कहा कि ये प्रोग्राम काफी अच्छा रहा है। बहुत दिन बाद महिलाओं के लिए ऐसा प्रोग्राम हुआ, जिसमें सभी मां-बहनें एक साथ इकट्ठा हुई हैं।
रेप रिश्वत कांड को लेकर लग रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि इल्जाम लगाना बहुत आसान है। बेबुनियाद आरोप लगाना बहुत आसान है। वह जो बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, मैं उनका सामना करने के लिए तैयार हूं। मैं उनका डट कर सामना करूंगी। मैं ऐसे आरोपों से न पहले घबराई थी और न आज घबरा रही हूं। मैं उनको चुनौती देती हूं, जो भी आरोप लगा रहे हैं, या तो उनके सबूत दें या फिर कानून कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहें।
आम आदमी पार्टी अपने सारे वादे पूरे कर रही है। आप सरकार ने जो भी वादे किए, वो पूरे किए जा रहे हैं। लोगों को भी फर्क साफ दिखाई दे रहा है। सरकार ने बच्चियों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दवाई और युवाओं को नौकरी देने का काम किया है। यह पहली सरकार है, जिसने महिलाओं के बारे इतना सोचा। सरकार ने हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ किया है।
वहीं, अमृतसर में पंजाब भाजपा जिला अध्यक्ष सलिल कपूर की अगुवाई में एक विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी के पुतले जलाए गए और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान एक भाजपा की महिला कार्यकर्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने महिलाओं की इज्जत की कीमत 5 करोड़ रुपए लगाई है। इसका मतलब ये है कि कोई भी महिला की इज्जत आबरू के साथ खेलकर आए और 5 करोड़ रुपए देकर पाक-साफ हो जाए। ये बहुत ही शर्मनाक बात है।
दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी के खिलाफ कथित रूप से रेप मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ मांगने के आरोपों पर विपक्ष हमलावर है। विपक्ष ने मामले की सीबीआई जांच और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, आम आदमी पार्टी की महिला विरोधी राजनीतिक पर्दाफाश हुआ। दिनदहाड़े आम आदमी पार्टी का भ्रष्टाचार खुला, और तो और, पार्टी ने इसे दबाने की कोशिश भी की।
प्रदीप भंडारी ने लिखा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उन आरोपों का संज्ञान लिया है, जिनमें कहा गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने रेप के एक मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपए की मांग की थी। ये आरोप पंजाब के पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह ने लगाए हैं।
आयोग ने अब पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को इस मामले की जांच करने और दो हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
वहीं, शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भगवंत मान को गुरु-द्रोही बताते हुए इस घटना पर जवाब मांगा। उन्होंने पोस्ट में कहा, रेप पीड़िता उस पुलिस फोर्स से क्या न्याय की उम्मीद कर सकती है जो आपके (भगवंत मान) इशारों पर नाचती है?
मजीठिया ने कहा, भगवंत मान की पत्नी पर 5 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने आपके डीजीपी और मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। आरोप है कि आपकी पुलिस पीड़िता के बजाय आरोपी को बचाने में लगी है। आपके कहने पर, आरोपी को कथित तौर पर रेप के दो मामलों में जमानत मिल गई। -आईएएनएस
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