
महिला आरक्षण बिल में दिव्यांग को भी शामिल किया जाना चाहिएः सुनीता धर
जम्मू। महिला आरक्षण विधेयक पर सामाजिक कार्यकर्ता संध्या धर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से महिलाओं को सुनहरा अवसर मिलने वाला है। सुनीता धर को दिव्यांगजनों के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए 2020 में नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
सुनीता धर ने कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करना चाहूंगी कि वे यह सुनिश्चित करें कि महिला आरक्षण विधेयक जल्द से जल्द पूरे देश में पूरी तरह से लागू किया जाए। साथ ही, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए भी आरक्षण शामिल किया जाना चाहिए, ताकि संसद में हमारी आवाज का प्रतिनिधित्व कोई कर सके और हम भी अपनी चिंताओं को प्रभावी ढंग से उठा सकें।
सुनीता धर ने कहा, आरक्षण विधेयक लागू होने के बाद लोकसभा, विधानसभा, नगर निगम सहित अन्य सदनों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। इससे यह फायदा होगा कि महिलाओं की समस्याओं की बात होगी और समाधान होगा।
सुनीता धर ने एक सवाल के जवाब में कहा, मैं कांग्रेस पार्टी पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि यह एक राजनीतिक बयानबाजी होगी। हालांकि, मैं निश्चित रूप से यह कहना चाहूंगी कि जो कांग्रेस पार्टी हासिल नहीं कर सकी, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हासिल कर लिया है। सभी राजनीतिक दलों को इस विधेयक को समर्थन देना चाहिए। आने वाले समय में हम संसद में महिलाओं के सशक्तीकरण का एक नया रूप देखेंगे, जिसमें नारी शक्ति की भागीदारी अधिक होगी।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा हाल ही में पेश किए गए बजट को लेकर सुनीता ने कहा, देश की वित्तमंत्री ने सभी की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए सराहनीय कार्य किया है। लेकिन वित्त मंत्री से हमारी यह अपेक्षा है कि भविष्य में दिव्यांगजनों के लिए और अधिक अवसर सृजित किए जाएंगे। मैं महिला आरक्षण विधेयक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करती हूं। सुनीता धर ने बताया कि उन्हें नारी शक्ति सम्मान 2020 में मिला था, हालांकि उन्होंने यह पुरस्कार 2022 में लिया।
-आईएएनएस
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