थोक महंगाई में मामूली बढ़त, खाद्य वस्तुओं के दाम स्थिर

थोक महंगाई में मामूली बढ़त, खाद्य वस्तुओं के दाम स्थिर

नई दिल्ली। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 0.83 प्रतिशत हो गई है। राहत की बात यह है कि इस दौरान खाद्य महंगाई दर शून्य प्रतिशत रही, जिसका अर्थ है कि पिछले साल की तुलना में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। 

थोक महंगाई में यह मामूली उछाल मुख्य रूप से विनिर्मित वस्तुओं (मैन्यूफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स) और खनिजों की कीमतों में वृद्धि के कारण आया है। विनिर्मित वस्तुओं के समूह, जिसकी थोक महंगाई में 64.23 प्रतिशत की बड़ी हिस्सेदारी है, की कीमतों में 0.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जहाँ मूल धातुओं और रसायनों के दाम बढ़े, वहीं रबर, प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते हुए। दूसरी ओर, खुदरा स्तर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में खाद्य महंगाई -2.71 प्रतिशत रही, जो लगातार सातवें महीने गिरावट को दर्शाता है। 

महंगाई के इस नरम रुख को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, 8.2 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और घटती महंगाई भारत के लिए एक सुनहरा समय है, जो विकास और स्थिरता का संतुलन पेश करता है।


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