
थोक महंगाई दर 5.19 फीसदी
नई दिल्ली। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर जुलाई 2014 में 5.19 फीसदी रही। यह जानकारी गुरूवार को जारी सरकारी आंक़डे से मिली। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंक़डे के मुताबिक, जुलाई महीने की अस्थाई थोक महंगाई दर साल-दर-साल आधार पर 5.19 फीसदी रही, जो जुलाई 2013 में 5.85 फीसदी थी। जून महीने में यह दर 5.43 फीसदी रही थी।
मौजूदा कारोबारी साल में अप्रैल-जुलाई अवधि में थोक महंगाई दर 2.38 फीसदी दर्ज की गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 3.17 फीसदी थी। अब खबर यह है कि थोक मूल्य सूचकांक में 14 प्रतिशत का योगदान करने वाले खाद्य उत्पाद खंड में मुद्रास्फीति 8.43 प्रतिशत रही। एक महीना पहले जून में यह 8.14 प्रतिशत थी।
थोक मूल्य सूचकांक के आज जारी आधिकारिक आंक़डों के मुताबिक सालाना स्तर पर जुलाई में सब्जियां 1.27 प्रतिशत सस्ती हुईं और प्याज 8.13 प्रतिशत सस्ता हुआ। हालांकि, आलू की कीमत जुलाई में 46.41 प्रतिशत बढ़ी जबकि फल इस महीने 31.71 प्रतिशत मंहगे हुए। दूध की कीमत 10.46 प्रतिशत बढ़ी। जुलाई में अंडे, मांस-मछली 2.71 प्रतिशत मंहगे हुये जबकि पिछले महीने इन उत्पादों की कीमत 10.27 प्रतिशत बढ़ी थी। जुलाई माह में दलहन के थोक भाव 3.31 प्रतिशत बढ़ गये, जबकि अनाज की कीमत 4.46 प्रतिशत बढ़ी।
इधर, चावल की कीमत 6.85 प्रतिशत और गेहूं 1.02 प्रतिशत महंगे हुये। विनिर्मित उत्पादों की मंहगाई दर 3.67 प्रतिशत बढ़ी जबकि फाइबर, तिलहन और खनिज समेत गैर-खाद्य उत्पाद 3.32 प्रतिशत मंहगे हुए। ईंधन और बिजली समूह की मंहगाई दर हालांकि पिछले महीने 7.40 प्रतिशत कम रही। इस बीच मई का थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का आंक़डा संशोधित कर 6.18 प्रतिशत कर दिया गया जो अस्थाई आकलन के मुताबिक 6.01 प्रतिशत था।
रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में आगाह किया था कि मानसून की अनिश्चितता का खाद्य मुद्रास्फीति पर असर हो सकता है लेकिन उम्मीद जाहिर की थी कि आने वाले महीनों में सरकारी नीति से आपूर्ति सुधरेगी। इस सप्ताह जुलाई माह के खुदरा मुद्रास्फीति के आंक़डे जारी किए गए थे जो मामूली बढ़कर 7.96 प्रतिशत रही।






