
मुख्यमंत्री मान की पत्नी के मानहानि केस में अब तीन नवंबर को होगी सुनवाई, अंतरिम रोक हटाने की अर्जियों पर देना होगा जवाब
खास खबर। चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉक्टर गुरप्रीत कौर द्वारा दायर मानहानि के मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत में सुनवाई हुई। इस केस में चार लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है, जिसमें एक पूर्व न्यायाधीश, एक समाचार चैनल की एंकर और दो अन्य शामिल हैं। अदालत ने अब अगली सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख तय की है।
यह मामला सिविल जज जूनियर डिवीजन डॉक्टर परिक्षित की अदालत में चल रहा है।
वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुखबीर सिंह पेश हुए, जबकि चारों प्रतिवादियों की ओर से अलग-अलग वकील अदालत में मौजूद रहे।
गुरप्रीत कौर ने कुछ समय पहले सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कथित तौर पर अपमानजनक और झूठी टिप्पणियां करने को लेकर मानहानि का दावा दायर किया था। इस पर अदालत ने आठ सितंबर को एकतरफा अंतरिम रोक का आदेश दिया था, जिसके तहत प्रतिवादियों को ऐसी सामग्री के प्रसारण और प्रकाशन पर रोक लगाई गई थी।
इसी रोक के आदेश को हटाने के लिए अब तीन प्रतिवादियों ने अलग-अलग आवेदन लगाए हैं। प्रतिवादी नंबर दो ने जहां केस के चलने योग्य होने पर ही सवाल उठा दिया है, वहीं प्रतिवादी नंबर तीन और चार ने अंतरिम रोक को हटाने की मांग की है। प्रतिवादी नंबर दो ने एक और आवेदन दायर कर कहा है कि वादी ने तथ्य छिपाकर और गलत जानकारी देकर रोक का आदेश हासिल किया है, इसलिए उनसे हर्जाना वसूला जाना चाहिए।
गुरुवार को हुई सुनवाई में प्रतिवादी नंबर एक की ओर से वकालतनामा दाखिल किया गया। उनके वकील ने लिखित जवाब और रोक के आवेदन पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
इसके बाद बाकी तीन आवेदनों पर सुनवाई शुरू हुई। वादी पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल इस समय देश से बाहर हैं, इसलिए उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय चाहिए।
इस पर प्रतिवादी नंबर चार के वकील ने कड़ा विरोध किया और कहा कि मामले को जानबूझकर लटकाया जा रहा है। हालांकि अदालत ने न्याय के हित में वादी पक्ष को अंतिम अवसर के तौर पर समय दे दिया।
सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने प्रतिवादी नंबर चार को दावे से जुड़े सभी दस्तावेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य कागजात की पूरी कॉपी भी सौंप दी, जिसकी रसीद अदालत में रिकॉर्ड पर ली गई।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अब यह मामला तीन नवंबर को आएगा, जिस दिन प्रतिवादियों के रोक हटाने वाले आवेदनों, हर्जाने की अर्जी और केस की पोषणीयता पर एक साथ सुनवाई और बहस होगी। तब तक वादी पक्ष को सभी आवेदनों पर अपना जवाब दाखिल करना होगा।
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