रोहिंग्या को बचाने के लिए ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट गईं : लॉकेट चटर्जी

रोहिंग्या को बचाने के लिए ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट गईं : लॉकेट चटर्जी

कोलकाता। भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि वे बंगाल की जनता के हित के लिए नहीं बल्कि रोहिंग्या को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट गईं। भाजपा नेता ने कहा कि अगर ममता बनर्जी बंगाल की जनता का हित चाहती तो कभी भी एसआईआर को लेकर विरोध नहीं करती। लेकिन, जिनकी सरकार ही रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठियों के आधार पर बनी है, वे तो उन्हें बचाने के लिए हर मुमकिन प्रयास करेंगी। 

भाजपा नेता ने कहा कि पूरे देश में एसआईआर हो रहा है। 12 राज्यों में जिस तरह से एसआईआर हो रहा है, वैसे ही बंगाल में भी होना चाहिए। सरकार अगर आगे भी एसआईआर को लेकर विरोध करती है तो कोर्ट को जनता की आवाज को सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी की सरकार की स्थिति ठीक नहीं है। उन्हें मालूम हो गया है कि इस बार फर्जी मतदाताओं के आधार पर चुनाव नहीं जीत पाएंगे। 

भाजपा नेता ने एसआईआर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई को लेकर कोर्ट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जो कुछ भी कहा है, मैं उसका स्वागत करती हूं। सुप्रीम कोर्ट देश के हित में जनता की बात सुनती है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एसआईआर मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अन्य नेताओं की याचिकाओं पर सुनवाई हुई। 

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में दस्तावेजों की पड़ताल और फाइनल वोटर लिस्ट की समयसीमा के लिए 1 हफ्ते बढ़ाया। पहले फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की डेडलाइन 14 फरवरी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार सुनिश्चित करें कि उसकी ओर से उपलब्ध कराए गए 8505 ग्रुप बी के अधिकारी कल शाम 5 बजे तक निर्वाचन अधिकारी (निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) को रिपोर्ट करें। 

ईसीआई चाहे तो अपने अधिकारियों की जगह इन अधिकारियों की सेवा ले सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि माइक्रो ऑब्जर्वर या ग्रुप बी के अधिकारियों की भूमिका सिर्फ ईआरओ को सहयोग करने की रहेगी। वोटर लिस्ट पर अंतिम फैसला ईआरओ ही लेंगे। -आईएएनएस

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