भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला, सेंसेक्स में 400 से ज्यादा अंकों की बढ़त

भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला, सेंसेक्स में 400 से ज्यादा अंकों की बढ़त


बिजनेस डेस्क। मुंबई 

पश्चिम एशिया में जारी तनावों पर अस्थायी विराम के बीच वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के चलते हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला। इस बीच, घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी50 में 0.50 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। 

सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,524.26 की तुलना में 511.15 अंक उछलकर 74,035.41 पर खुला, तो वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,123 से 136.05 अंक चढ़कर 23,259.05 पर खुला। खबर लिखे जाने तक (सुबह 9.33 बजे के करीब) सेंसेक्स 409.79 अंकों यानी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,934.05 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 122.15 (0.53 प्रतिशत) की तेजी के साथ 23,245.15 पर कारोबार करता नजर आया। 

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 1.09 प्रतिशत और 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी बैंक में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए। वहीं, निफ्टी आईटी में गिरावट आई और यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। 

निफ्टी50 इंडेक्स में इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, ट्रेंट और एक्सिस बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई और ये टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि इसके विपरीत टाइटन, इंफोसिस, एनटीपीसी, कोल इंडिया और मैक्स हेल्थ के शेयर टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे। दरअसल, ईरान ने इजरायल पर हमले रोक दिए, लेकिन चेतावनी दी कि अगर इजरायल लेबनान में अपना अभियान जारी रखता है तो तेहरान फिर से हमले शुरू कर देगा। 

इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति पर सवाल उठने लगे। एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 94 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि ईरान और इजरायल के बीच बने नाजुक शांति समझौते के लंबे समय तक कायम रहने को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। 

अमेरिका की एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए एच-1बी वीजा शुल्क को रद्द कर दिया है। इसे भारतीय आईटी कंपनियों के लिए हल्की सकारात्मक खबर माना जा रहा है, क्योंकि इससे अमेरिका में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों और आईटी कंपनियों को कुछ राहत मिल सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बाजार में शॉर्ट पोजीशन अभी भी काफी बड़ी है। ऐसे में साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने और ट्रेडिंग वॉल्यूम अधिक रहने की संभावना है। 

फिलहाल बाजार में तेजी लाने वाले निवेशक (बुल्स) इतनी मजबूत स्थिति में नहीं हैं कि बड़ी वापसी करा सकें, जबकि मंदी का रुख रखने वाले निवेशक (बियर्स) ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना सकते हैं। एक्सपर्ट ने आगे बताया कि एफआईआई की लगातार बिकवाली में भी फिलहाल कोई कमी नजर नहीं आ रही है। हालांकि बड़ी कंपनियों (लार्ज कैप) के शेयरों का मूल्यांकन अब संतुलित स्तर पर पहुंच चुका है। 

खासकर बैंकिंग सेक्टर में एफआईआई की बिकवाली के कारण कई अच्छे शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध हैं। दो से तीन साल के निवेश नजरिए वाले निवेशकों के लिए बैंकिंग सेक्टर एक अच्छा अवसर प्रदान कर सकता है, क्योंकि यहां जोखिम और रिटर्न का संतुलन निवेशकों के पक्ष में दिखाई देता है। दूसरी ओर, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। चौथी तिमाही के अच्छे नतीजों और मजबूत विकास संभावनाओं के कारण निवेशकों की रुचि इन शेयरों में लगातार बनी हुई है। --आईएएनएस

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