
बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ने नेशनल अवॉर्ड विनर अंजलि पाटिल की सेल्वी का ट्रेलर किया रिलीज़
होम-केयर और माइग्रेशन की भारतीय कहानी दिखाएगी दुनिया को नया नज़रिया
बॉलीवुड डेस्क। मुंबई
इंडियन इंडिपेंडेंट सिनेमा ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल सर्किट में लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी कड़ी में नेशनल फिल्म अवॉर्ड विनर एक्ट्रेस अंजलि पाटिल की प्रोड्यूस और स्टारर तमिल फिल्म सेल्वी ने 31वें बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अपनी खास जगह बनाई है। फिल्म को प्रतिष्ठित Vision – Asia सेक्शन के लिए चुना गया है, जहां शामिल होने वाली सिर्फ दो भारतीय फिल्मों में सेल्वी भी एक है।
फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर से पहले बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ने सेल्वी का ट्रेलर रिलीज़ कर दिया है।
ट्रेलर में दर्शकों को डेब्यूटेंट डायरेक्टर सैलेश रत्नकुमार की इस रॉ और ग्रिटी ड्रामा की पहली झलक देखने को मिलती है। एशिया की सिर्फ 11 फिल्मों से सजे इस बेहद चुनिंदा सेक्शन में सेल्वी का शामिल होना इंडियन इंडिपेंडेंट सिनेमा के लिए एक खास उपलब्धि मानी जा रही है।
ट्रेलर में अंजलि पाटिल के किरदार सेल्वी से मुलाकात होती है, जो एक माइग्रेंट होम-केयर नर्स है। उसकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी उन लोगों की ज़िंदगियों से जुड़ी है, जिनकी वह देखभाल करती है। काम की भागदौड़ और रोज़मर्रा के छोटे-बड़े पलों के बीच फिल्म धीरे-धीरे उस महिला की कई परतें खोलती है, जो अपनी ड्यूटी के पीछे कहीं खुद को भी संभाल रही है।
शुरुआत में माइग्रेशन, महिला दोस्ती और रोज़मर्रा की जिंदगी की खामोश थकान की एक इंटिमेट कहानी लगने वाली सेल्वी धीरे-धीरे अपनी गहरी परतें सामने लाती है। बिल्कुल प्याज़ की परतों की तरह, कहानी जैसे-जैसे खुलती जाती है, सेल्वी की दुनिया उतनी ही पेचीदा और बेचैन करने वाली होती जाती है। उसके किरदार की जटिलताएं और जिंदगी को लेकर किए गए नाज़ुक फैसले कहानी को एक अलग ही मोड़ देते हैं।
फिल्म के पीछे इंडस्ट्री की शानदार क्रिएटिव टीम है। नौ बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीत चुके ए. श्रीकर प्रसाद ने फिल्म की एडिटिंग की है। भार्गव श्रीधर ने फिल्म को को-राइट करने के साथ इसकी सिनेमैटोग्राफी भी संभाली है।
नेशनल अवॉर्ड विनर साउंड डिजाइनर आनंद कृष्णमूर्ति ने फिल्म का साउंडस्केप तैयार किया है, जबकि सुरेन विखाश ने म्यूजिक कंपोज किया है।
अंजलि पाटिल के साथ विनोद किशन, स्वाति कृष्णन, राजा कृष्णमूर्ति, अर्चना पद्मिनी और मेखा राजन फिल्म की प्रिंसिपल कास्ट का हिस्सा हैं। ट्रेलर ने इस फिल्म की पहली झलक दुनिया के सामने रख दी है, जो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल सर्किट में अपनी खास छाप छोड़ने के लिए तैयार है।
सेल्वी की प्रोड्यूसर और लीड एक्टर अंजलि पाटिल ने कहा, माइग्रेशन और केयरगिविंग ऐसे दो विषय हैं, जिन पर पूरी दुनिया लंबे समय से बातचीत कर रही है। लोग काम और सम्मान की तलाश में सीमाएं पार करके दूसरी जगह जाते हैं, वहीं केयरगिवर्स अक्सर परिवारों और कम्युनिटीज़ की रीढ़ बन जाते हैं। वे भावनात्मक और शारीरिक जिम्मेदारियां उठाते हैं, जो ज्यादातर लोगों की नजरों से दूर रहती हैं।
सेल्वी के जरिए हम इन बेहद ग्लोबल मुद्दों को एक इंडियन पॉइंट ऑफ व्यू से दिखाना चाहते थे।
यह कहानी हमारी सच्चाइयों, हमारे लोगों और हमारे अपने अनुभवों से निकली है, लेकिन माइग्रेशन, केयर, लेबर, डिग्निटी और सर्वाइवल को लेकर जो सवाल यह फिल्म उठाती है, वे पूरी दुनिया के हैं।
बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म पर फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ होना हमारे लिए बेहद मायने रखता है। इंडिपेंडेंट सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह मुश्किल सवाल पूछने की आज़ादी देता है और उन जिंदगियों को सामने लाता है, जो हमेशा मेनस्ट्रीम नैरेटिव का हिस्सा नहीं बन पातीं। इसलिए एक एक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर सेल्वी को यह प्लेटफॉर्म मिलते देखना मेरे लिए बेहद लिबरेटिंग है।
डायरेक्टर सैलेश रत्नकुमार ने कहा, एक डेब्यू फिल्ममेकर के लिए अपने काम को ग्लोबल स्टेज पर पहचान मिलना किसी सपने से कम नहीं होता। लेकिन बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का हमारी फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ करना मेरे लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं है।
सेल्वी की शुरुआत उस ऑब्जर्वेशन से हुई थी, जो भार्गव ने महामारी के दौरान किया था। उन्होंने उन होम-केयर वर्कर्स को देखा था, जो सीमाएं पार करके अपने परिवारों को पीछे छोड़ देते हैं और हमारे परिवारों की देखभाल करते हैं। वह ऑब्जर्वेशन हमारे साथ रह गया और यहीं से इस कहानी की शुरुआत हुई।
BIFF का Vision सेक्शन में सिर्फ दो भारतीय फिल्मों में से एक के तौर पर इस कहानी को सपोर्ट करना हमारे लिए खास तौर पर वैलिडेटिंग है। यह दिखाता है कि बेहद लोकल और इंटिमेट कहानियां भी दुनिया भर के दर्शकों से जुड़ सकती हैं। हमने यह फिल्म बहुत धैर्य और ऑथेंटिसिटी के प्रति गहरी कमिटमेंट के साथ बनाई है और अब अक्टूबर में इंटरनेशनल ऑडियंस के सामने सेल्वी की दुनिया लेकर जाने का हमें बेसब्री से इंतज़ार है।
इंडस्ट्री के दिग्गजों की क्रिएटिव टीम के साथ बनी सेल्वी को नौ बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीत चुके ए. श्रीकर प्रसाद ने एडिट किया है। फिल्म का साउंड डिजाइन आनंद कृष्णमूर्ति ने किया है, जिन्हें पोन्नियिन सेल्वन: पार्ट I के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। सेल्वी को रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की पहल रेड सी फंड ने को-प्रोड्यूस किया है। फिल्म को हॉन्ग कॉन्ग एशिया फिल्म फाइनेंसिंग का भी सपोर्ट मिला है।
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