
शकुंतला देवी के 6 साल: इस बायोपिक ने एक बार फिर साबित किया कि असाधारण महिलाओं को पर्दे पर जीवंत करने में माहिर हैं विद्या बालन
बॉलीवुड डेस्क। मुंबई
फिल्म शकुंतला देवी को रिलीज हुए छह साल हो चुके हैं, लेकिन यह फिल्म आज भी विद्या बालन की उस खास क्षमता की मिसाल है, जिसके जरिए उन्होंने असाधारण महिलाओं की कहानियों को पर्दे पर बेहद सहज और भावनात्मक तरीके से पेश किया।
यही वजह है कि समय के साथ विद्या बालन बॉलीवुड की उन भरोसेमंद अभिनेत्रियों में शामिल हो गई हैं, जो मजबूत महिला किरदारों को पूरी गरिमा और गहराई के साथ निभाने के लिए जानी जाती हैं। यह उनकी प्रतिभा क्षमता ही है, जहां उन्होंने द डर्टी पिक्चर में ग्लैमरस सिल्क स्मिता से प्रेरित किरदार निभाने से लेकर महान गणितज्ञ शकुंतला देवी का किरदार निभाकर इन असाधारण महिलाओं की कहानियों को यादगार बनाया।
सच पूछिए तो शकुंतला देवी का किरदार निभाना सिर्फ उनकी शानदार गणितीय प्रतिभा दिखाने तक सीमित नहीं था। विद्या ने उनके आत्मविश्वास, हाजिरजवाबी, आकर्षक व्यक्तित्व और भावनात्मक पहलुओं को भी बखूबी पर्दे पर उतारा।
उन्होंने शकुंतला देवी को सिर्फ एक महान गणितज्ञ के रूप में नहीं दिखाया, बल्कि एक ऐसी महिला के रूप में पेश किया, जो अपने सपनों और महत्वाकांक्षाओं के साथ-साथ मां होने और निजी रिश्तों को भी संभालने की कोशिश कर रही थी। उनके अभिनय की यही खूबी थी कि दर्शक महान शख्सियत के साथ-साथ उनके पीछे छिपे इंसान से भी जुड़ गए।
आज भी शकुंतला देवी विद्या बालन के करियर की यादगार फिल्मों में शामिल है। यह फिल्म सिर्फ एक महान गणितज्ञ की कहानी नहीं थी, बल्कि इसने एक बार फिर साबित किया कि विद्या बालन असाधारण महिलाओं की जिंदगी को अपनी दमदार, सहज और भावनात्मक अदायगी के साथ पर्दे पर जीवंत करने में कितनी माहिर हैं। उनके ऐसे किरदार सिर्फ प्रेरित नहीं करते, बल्कि लंबे समय तक दर्शकों के साथ जुड़े रहते हैं।
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