क्या हैं शादी की पाठशाला

क्या हैं शादी की पाठशाला

मौजूदगी का अहसास कराएं
बहू परिवार का हिस्सा है, इस बात का अहसास जगाने के लिए किसी भी बहू के लिए यह बिलकुल जरूरी नहीं है कि वह पूरी तरह से अपनी इच्छाओं को त्याग दे, बल्कि अपनी मौजूदगी का गहराई से अहसास कराए। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि लडके के माता-पिता एडजस्ट करने को बिलकुल तैयार नहीं होते हैं। ऐसे में पत्नी पति को ही समझा सकती है कि उसकी क्या जरूरतें हैं और पति अपनी पत्नी को परिवार में उसकी जगह दिलाए।
अक्सर पति या बेटा अपनी पत्नी व माता-पिता के बीच फंस जाता है। उसको समझ नहीं आता कि पत्नी क्यों नहीं माता-पिता के अनुसार चलती? एक समझदार पत्नी जानती है कि यदि वह अपने सास-ससुर की बात-बात पर शिकायतें करेगी, तो पति माता-पिता के साथ-साथ पत्नी से भी दूर होने लगेगा। वह नकारात्मकता को लाए बिना अपनी सोच और धारणाओं से उनको रूबरू कराने की कोशिश करती है।

#7 कमाल के टिप्स: ऎसे संवारे लडके अपनी त्वचा...



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