पत्तियों की खामोश जुबान समझें और अपने बगीचे को स्वर्ग बनाएं

पत्तियों की खामोश जुबान समझें और अपने बगीचे को स्वर्ग बनाएं

प्रकृति ने पौधों को अपनी बात कहने के लिए पत्तियों का माध्यम दिया है। अक्सर हम देखते हैं कि पौधे अचानक मुरझाने लगते हैं या उनकी पत्तियों का रंग बदलने लगता है। इसे हम केवल मौसम का बदलाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन असल में पौधा हमसे अपनी तकलीफ साझा कर रहा होता है। यदि आप समय रहते पत्तियों के इन इशारों को समझ लें तो आप अपने पौधों को मरने से बचा सकते हैं।
पौधों की सेहत को सुधारने के लिए पत्तियों के संकेतों को इन श्रेणियों में बांटकर समझा जा सकता है।

पत्तियों के रंग और उनके गहरे अर्थ

अक्सर पत्तियों के सिरों का जलना या भूरा होना इस बात का संकेत है कि या तो आप उन्हें बहुत ज्यादा खाद दे रहे हैं या फिर आपके पानी में नमक की मात्रा अधिक है। इसके समाधान के लिए महीने में एक बार गमले की मिट्टी को ढेर सारे पानी से धोएं ताकि अतिरिक्त नमक बाहर निकल जाए। यदि पत्तियां पूरी तरह सफेद या बेहद हल्की पीली पड़ रही हैं तो यह आयरन की भारी कमी को दर्शाता है। इसके लिए लोहे की पुरानी कील को रात भर पानी में भिगोकर वह पानी पौधों में डालना एक बहुत पुराना और कारगर घरेलू नुस्खा है।

पत्तियों का आकार और बनावट
अगर नई पत्तियां छोटी निकल रही हैं या वे मुड़ी हुई और अजीब आकार की हैं तो इसका मतलब है कि पौधे को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल रहा है। इसके लिए आप घर में इस्तेमाल होने वाले चौक  का एक छोटा टुकड़ा मिट्टी में दबा सकते हैं। वहीं अगर पत्तियां नीचे की ओर मुड़कर कप जैसा आकार बना रही हैं तो यह वातावरण में बहुत अधिक गर्मी या शुष्क हवा का संकेत है। ऐसी स्थिति में पौधे को ठंडी जगह पर रखें और उसके पास पानी से भरा एक कटोरा रख दें ताकि आसपास नमी बनी रहे।

मिट्टी और जड़ों का पत्तियों पर प्रभाव
पौधे की जड़ें उसका आधार हैं। अगर आप देखते हैं कि पानी देने के बावजूद पत्तियां ढीली और बेजान दिख रही हैं तो शायद जड़ें सड़ रही हैं। इसे रूट रोट कहते हैं जो जरूरत से ज्यादा पानी देने से होता है। ऐसे में मिट्टी की ऊपरी परत की गुड़ाई करें और कुछ दिनों के लिए पानी देना पूरी तरह बंद कर दें ताकि जड़ों को ऑक्सीजन मिल सके। अगर जड़ें गमले के ऊपर दिखाई देने लगें तो समझ लीजिए कि पौधे को अब और जगह चाहिए और उसे बड़े गमले में बदलने का समय आ गया है।

प्राकृतिक सुरक्षा और पोषण के नए तरीके
पौधों को कीड़ों से बचाने के लिए केवल नीम का तेल ही काफी नहीं है। आप घर पर लहसुन और हरी मिर्च का स्प्रे भी बना सकते हैं जो जिद्दी कीटों को दूर भगाता है। इसके अलावा महीने में एक बार पौधों की पत्तियों पर दूध और पानी के मिश्रण का छिड़काव करने से पत्तियों में प्राकृतिक चमक आती है और वे फंगस से बची रहती हैं। याद रखें कि हर पौधा अलग होता है इसलिए उसकी जरूरतों को पत्तियों के माध्यम से समझना ही एक कुशल माली की पहचान है। नियमित रूप से अपने पौधों के साथ समय बिताएं और उनकी भाषा को समझकर अपने घर को हरा-भरा रखें।

हेमलता शर्मा जयपुर

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