
Parenting : खेलकूद के दीवाने बच्चों को पढ़ाई का मास्टर बनाने के अनोखे और मजेदार तरीके
अक्सर देखा जाता है कि बच्चे खेलने कूदने और नई चीजें सीखने में तो बहुत आगे रहते हैं लेकिन पढ़ाई का नाम सुनते ही उनके पास बहानों की कमी नहीं होती। माता पिता को लगने लगता है कि शायद उनके बच्चे का दिमाग पढ़ाई में कमजोर है। सच्चाई यह है कि बच्चों को सही दिशा और थोड़े अलग तरीके की जरूरत होती है।
कई बार पढ़ाई का पुराना तरीका या बेवजह का दबाव बच्चों को किताबों से दूर कर देता है। उन्हें डांटने या जबरदस्ती बैठाने से बात और बिगड़ जाती है। अगर आप उनके मनोविज्ञान को समझकर कुछ नए और रोचक तरीके अपनाएं तो आपका बच्चा खुद किताब लेकर बैठेगा।
बच्चों पर एक साथ बहुत सारा पढ़ने का बोझ कभी ना डालें। आप उन्हें छोटे छोटे लक्ष्य दें जैसे एक बार में सिर्फ एक पन्ना पढ़ना या पांच नए शब्द सीखना। जब वे अपना लक्ष्य पूरा कर लें तो उनकी खूब तारीफ करें जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। पढ़ाई के समय को धीरे धीरे उनकी आदत में शामिल करें।
पढ़ाई की जगह का शांत और व्यवस्थित होना बहुत जरूरी है जहां टीवी या मोबाइल का शोर ना हो। पढ़ाई को मजेदार बनाने के लिए किताबों के साथ साथ कहानियों और रंग बिरंगे चार्ट का इस्तेमाल करें। लगातार लंबे समय तक पढ़ाने के बजाय बीच बीच में उन्हें कोई मजेदार खेल खिलाएं ताकि वे बोर ना हों।
पढ़ाई को उनके पसंदीदा शौक के साथ जोड़ना एक बहुत ही असरदार और नया तरीका है। अगर आपके बच्चे को क्रिकेट या किसी खास खेल में रुचि है तो उसे गणित के सवाल खेल के स्कोर के जरिए समझाएं। इससे उन्हें पढ़ाई बोझ नहीं लगेगी बल्कि वे मजे मजे में नई चीजें सीख जाएंगे।
बच्चों को डांटने के बजाय अपना दोस्त बनाएं और उन्हें कभी कभी खुद का टीचर बनने का मौका दें। आप उनसे कहें कि आज वे आपको कोई नया विषय पढ़ाएं। जब बच्चे आपको पढ़ाएंगे तो उनका ध्यान भी लगेगा और उनकी झिझक भी दूर होगी। इन आसान तरीकों से पढ़ाई उनके लिए कोई सजा नहीं बल्कि एक मजेदार खेल बन जाएगी।
-हेमलता शर्मा, जयपुर






