नीम कडवा मगर 100 बीमारियों की दवा

नीम कडवा मगर 100 बीमारियों की दवा

दांत और पेट के रोग का इलाज
दांतों को नीम, बबूल की दातुन से साफ करें, अगर संभव हो तो एक बार घर पर ही इसका मंजन बना लें जिसमें जली सुपारी, जले बादाम के छिलके, 100 ग्राम खडिया मिट्टी, 20 ग्राम बहेडे, थोडी सी कालीमिर्च, 5 ग्राम लौंग, एक आधा ग्राम पिपरमिंट को पीस कर छान लें। इसे मंजन की तरह इस्तेमाल करें। दांत की सब बीमारियां, पायरिया, दुगंüध दूर हो जाएगी। अब पेट के बारे में देखें, अगर अपच हो जाये तो निंबोरी खाएं रूका हुआ मल बाहर निकालता है। रक्त स्वच्छ करेगा और भूख अधिक लगेगी। बासी खाना खाने से पित्त, उल्टियां हो, तो इसके लिये नीम की छाल, सोंठ, कालीमर्च को पीस लें और आठ-दस ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ लें। तीन चार दिनों में पेट साफ हो जायेगा। यदि दस्त हो रहे हों, तो नीम का काढा बनाकर लें। गंदे पानी के मच्छर-मक्खी से होने वाले रोग तेजी से फैलते हैं। इसका उपाय भी नीम से है पांच लौंग, पांच बडी इलायची, महानीम बकायन की सींकें पीसकर पचास ग्राम पानी में मिलाकर थोडा गर्म कर लें। ये एक बार की मात्रा है। इसे दो-दो घंटे बाद बनाकर देते रहें। साथ-साथ हाथ पैरों में नीम के तेल की मालिश भी करें। कमजोरी दूर होगी। अगर किसी रोगी को पेशाब नहीं आ रही है तो नीम के पत्ते पीसकर पेट पर लगाएं, ठीक हो जायेगा। यदि पेट में कीडे हों तो नीम की नई कोपलों के रस में शहद मिलाकर चाटें कीडे समाप्त हो जाएंगे। पानी में नीम के तेल की कुछ बूंदें डालकर चाय की तरह पी जाएं। बच्चे को 5 बूंद व बडों को 8 बूंद से ज्यादा नहीं लेना है। नीम के पत्ते जरा सी हींग के साथ पीस लें और चाट जाएं, पेट के कीडे नष्ट हो जाएंगे।


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