
विश्वकप, एशियन गेम्स गोल्ड, एशिया कप, कॉमनवेल्थ, हरमनप्रीत की कप्तानी में महिला क्रिकेट टीम ने देखा सफलता का ऐतिहासिक दौर
स्पोर्ट्स डेस्क। नई दिल्ली
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय का मंगलवार को अंत हो गया। अपनी कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को सफलता की नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाली हरमनप्रीत कौर ने अपना पद छोड़ दिया है। 37 साल की हरमन ने सोशल मीडिया पर महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ने की घोषणा की। बतौर खिलाड़ी वह सक्रिय रहेंगी।
हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सफलतम कप्तान हैं। हरमनप्रीत के कप्तान बनने से पहले भारतीय टीम देश में विदेश में बड़ी टीमों को चुनौती तो देती, लेकिन जीत से दूर रह जाती थी। 2016 में पूर्णकालिक कप्तान बनने के बाद हरमन ने टीम की दशा और दिशा दोनों बदल दी। अपनी 10 साल की कप्तानी में हरमन ने भारतीय टीम को न सिर्फ अलग-अलग वैश्विक मंचों पर चैंपियन बनाया, बल्कि टीम को एक मजबूत और सशक्त ताकत के रूप में स्थापित किया।
37 साल की हरमनप्रीत 2016 में पूर्णकालिक कप्तान बनीं। उनकी कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने अपना पहला आईसीसी इवेंट (वनडे विश्व कप 2025) जीता था। फाइनल में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराया था।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने 4 बार एशिया कप (2012, 2016, 2022 और 2026) जीता। 2012 में वह अस्थायी कप्तान थीं।
हरमन की कप्तानी में भारतीय महिला टीम हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 और आइची-नागोया एशियन गेम्स में लगातार 2 बार गोल्ड मेडल जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय टीम ने हरमन की कप्तानी में ही सिल्वर मेडल जीता था। हाल ही में लॉर्ड्स में महिलाओं का पहला टेस्ट खेला गया था।
हरमन की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने घरेलू टीम इंग्लैंड को हराकर इतिहास रचा था।
पिछले 10 वर्ष की अवधि में हरमनप्रीत कौर ने भारतीय टीम को पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 में लीड किया। हरमनप्रीत कौर के बाद उपकप्तान स्मृति मंधाना तीनों फॉर्मेट में महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान हो सकती हैं।
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