सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में हुई रिकॉर्ड 117 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी: रिपोर्ट

सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में हुई रिकॉर्ड 117 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी: रिपोर्ट

नई दिल्ली। सोने की कीमतों में आई तेज उछाल के चलते 2025 में भारतीय परिवारों की कुल संपत्ति में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ईयरबुक 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में भारतीय घरों की संपत्ति में करीब 117 लाख करोड़ रुपए या लगभग 1.3 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे परिवारों की खर्च करने की क्षमता भी मजबूत हुई है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 25 वर्षों में सोने की कीमतों में वृद्धि के चलते यह संपत्ति में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। साल 2025 में 15 दिसंबर तक सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम करीब 57,000 रुपए बढ़ी। इससे पहले 2024 में भी सोने की कीमतों में 14,000 रुपए प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई थी। सोने की कीमतों में इस तेज उछाल से लोगों की संपत्ति में बड़ा इजाफा हुआ है, जिसके चलते सोने के बदले लिए जाने वाले रिटेल लोन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। 

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए स्थिरता का साल रहा। वहीं, सोना जैसे वैकल्पिक निवेश ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस दौरान जब शेयर बाजार पर दबाव था, तब सोना एक सुरक्षित निवेश बनकर सामने आया और निवेशकों का भरोसा जीता। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में भारत का प्रदर्शन वैश्विक बाजारों के मुकाबले कमजोर रहा, जिससे दुनिया के कुल शेयर बाजार मूल्य में भारत की हिस्सेदारी में गिरावट आई। निफ्टी का प्रदर्शन वैश्विक और उभरते बाजारों के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत कमजोर रहा, जो पिछले करीब 30 वर्षों का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। हालांकि, इस गिरावट से भारतीय बाजार का वैल्यूएशन अब अपने लंबे समय के औसत स्तर के करीब आ गया है। 

वैश्विक स्तर पर 2025 में सोना, उभरते बाजार, यूरोप और मैग्निफिसेंट 7 स्टॉक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर, ऑयल, अमेरिकी डॉलर और बिटकॉइन जैसे निवेश विकल्पों का प्रदर्शन कमजोर रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि कई सालों की तेजी के बाद 2025 में स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों का प्रदर्शन लार्ज-कैप शेयरों से कमजोर रहा। हालांकि, बाजार के सभी सेगमेंट में मूल्यांकन में कमी आई है, फिर भी लार्ज-कैप स्टॉक्स अभी भी बेहतर निवेश विकल्प माने जा रहे हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30 प्रतिशत स्मॉल-कैप शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर से 30 प्रतिशत या उससे ज्यादा गिर चुके हैं। निवेश को लेकर सलाह देते हुए एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कहा है कि नए निवेशकों को हाइब्रिड फंड्स पर विचार करना चाहिए। इन फंड्स में इक्विटी, डेट और सोने का मिश्रण होता है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को बेहतर संतुलन और सुरक्षा मिलती है। -आईएएनएस

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