
राजस्थान: भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार सतीश पूनिया, अलका सिंह गुर्जर ने दाखिल किया नामांकन
जयपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया और अलका सिंह गुर्जर ने सोमवार को राजस्थान से राज्यसभा की दो सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के तौर पर अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। अपना नॉमिनेशन फाइल करने से पहले, सतीश पूनिया ने जयपुर के मशहूर श्री गोविंद देव जी मंदिर में पूजा-अर्चना की और पिंक सिटी के मुख्य देवता का आशीर्वाद लिया।
इस पल को एक्स पर शेयर करते हुए पूनिया ने लिखा कि जयपुर के मुख्य देवता, श्री गोविंद देव जी महाराज के दरबार में पूजा-अर्चना करने के बाद, मैंने उनका आशीर्वाद लिया।
पूनिया के नॉमिनेशन फाइल करने के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और डॉ. प्रेम चंद बैरवा, राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़, पार्टी के वरिष्ठ नेता, जन प्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
डॉ. अल्का सिंह गुर्जर ने भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपने नॉमिनेशन पेपर फाइल किए। इससे पहले दोनों उम्मीदवारों ने नॉमिनेशन फाइल करने से पहले भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात की।
सीएम भजन लाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि भाजपा राज्यसभा प्रत्याशी सतीश पूनिया और अलका सिंह गुर्जर के नामांकन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर दोनों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में आप दोनों राज्यसभा में राजस्थान की आकांक्षाओं, जनभावनाओं एवं प्रदेश के विकास संबंधी मुद्दों का प्रभावी और सशक्त प्रतिनिधित्व करेंगे।
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो रहा है। राजस्थान विधानसभा में पार्टियों की मौजूदा संख्या के आधार पर भाजपा का दो सीटें जीतना लगभग तय है, जबकि कांग्रेस को तीसरी सीट मिलने की उम्मीद है। राजस्थान की तीन सीटों के लिए वोटिंग 18 जून को होगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूनिया (एक प्रमुख जाट नेता) और गुर्जर (एक अच्छी पकड़ वाले गुर्जर चेहरे) को चुनना राजस्थान में चुनावी रूप से अहम दो समूहों के बीच समर्थन मजबूत करने की एक सोची-समझी कोशिश है। जाट और गुर्जर समुदाय कई विधानसभा क्षेत्रों में असर रखते हैं और भाजपा का यह कदम इन समूहों के कांग्रेस के मजबूत नेताओं का मुक़ाबला करने के लिए है।
यह सामाजिक संतुलन पार्टी की 2028 के राज्य चुनावों की तैयारियों से भी जुड़ा है। राजस्थान विधानसभा में भाजपा के पास मज़बूत बहुमत है, इसलिए उम्मीद है कि सतीश पूनिया और अलका सिंह गुर्जर दोनों ही आने वाले राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल करेंगे।
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