
चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल, जवाबदेही जरूरी : प्रियंका चतुर्वेदी
पॉलिटिकल डेस्क। नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी के बीच शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का पारदर्शी और जवाबदेह रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लोगों के मन में अपने वोट की वैधता और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सीजेपी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक दबाव समूह है। उन्होंने कहा कि उसके आंदोलनों के कारण शिक्षा मंत्री को भी इस्तीफा देना पड़ा था। हर कोई अपनी बात रख रहा है, लेकिन सबसे जरूरी यह है कि सभी एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करें।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वह सीजेपी की ओर से की जा रही कार्रवाई का स्वागत करती हैं और उन्हें उम्मीद है कि इंडी गठबंधन भी ईसीई को हटाने के लिए रणनीति तैयार करेगा। विपक्ष की ओर से महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी पर उन्होंने कहा कि मामला केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है। अब आम लोगों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि उनका वोट अधिकृत है या नहीं और अधिकृत होने के बाद वह वैध है या नहीं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में संभावित छेड़छाड़ को लेकर भी सवाल उठाए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि शुरुआती आपत्तियों और मतभेदों के बाद सभी फैसले मिलकर लिए गए थे, तो दो चुनाव आयुक्त कैबिनेट सचिव से मुलाकात करने के लिए क्यों उत्सुक थे। उनके मुताबिक, इन मुलाकातों का उद्देश्य चुनाव आयोग में मनमाने तरीके से काम किए जाने की शिकायत रखना था।
उन्होंने कहा कि हर कोई चाहता है कि चुनाव आयोग पारदर्शी और जवाबदेह रहे। उन्होंने फॉर्म-6, डेटा के केंद्रीकरण और चुनाव आयोग की विकेंद्रीकृत प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया और कहा कि ये वे चिंताएं हैं, जिन्हें दो चुनाव आयुक्तों ने उठाया था।
समस्तीपुर में छेड़छाड़ की घटना पर भी प्रियंका चतुर्वेदी ने बिहार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने जमुई की घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि महिला के साथ बदसलूकी और उसके साथ मौजूद लोगों के साथ मारपीट गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर में भी ऐसी ही घटना सामने आई है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही उम्मीद जताई कि बिहार में इस तरह की घटनाएं दोबारा सामने नहीं आएंगी। -आईएएनएस
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