DIFF में होगी कीर्ति कुल्हारी की फिल्म किनारे की स्क्रीनिंग, बोलीं-यह परिवार, रिश्तों और अनकहे राजों की कहानी

DIFF में होगी कीर्ति कुल्हारी की फिल्म किनारे की स्क्रीनिंग, बोलीं-यह परिवार, रिश्तों और अनकहे राजों की कहानी


बॉलीवुड डेस्क। मुंबई 

अभिनेत्री और प्रोड्यूसर कीर्ति कुल्हारी अपनी आने वाली फिल्म किनारे को लेकर काफी उत्साहित हैं। इसकी स्क्रीनिंग धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (डीआईएफएफ) में होगी। उन्होंने इस फिल्म को बतौर प्रोड्यूसर अपना पहला बच्चा बताया और कहा कि कहानी की सादगी, दिल को छू लेने वाला अंदाज और छोटी-छोटी बातों को खूबसूरती से दिखाने के तरीके ने उन्हें फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। 

कीर्ति कुल्हारी ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, किनारे बतौर प्रोड्यूसर मेरा पहला बच्चा है और यह हमेशा मेरे लिए खास रहेगी। इसकी कहानी मेरे दिल को छू गई। यह एक साधारण, दिल को छू लेने वाली और बारीकियों के साथ कही गई फिल्म है। मुझे ये सारी खूबियां ईरानी फिल्मों में देखने को मिलती हैं, जिन्हें मैं हमेशा से पसंद करती रही हूं। इसलिए जब मेरे पास ऐसी कहानी आई, तो मैंने तय कर लिया कि मैं इसे जरूर बनाऊंगी। 

उन्होंने कहा, मैं इस फिल्म को स्वतंत्र रूप से बनाना चाहती थीं, ताकि इसे उसी तरह पर्दे पर उतार सकें, जैसा मैंने और मेरी टीम ने मिलकर सोचा था। फिल्म से जुड़े सभी लोगों ने इसकी कहानी पर भरोसा किया और सिनेमा के प्रति अपने प्यार की वजह से इसका हिस्सा बने। मैं इस बात से खुश हूं कि पूरी टीम ने मेरा साथ दिया और मुझे किनारे जैसी फिल्म दर्शकों तक पहुंचाने का मौका मिला। 

फिल्म में कीर्ति के साथ काम कर रहे अभिनेता राजीव सिद्धार्थ ने भी इसकी कहानी की तारीफ की। उन्होंने कहा, हर अभिनेता ऐसी स्क्रिप्ट की तलाश में रहता है, जिसमें सिर्फ लिखे गए शब्द ही मायने न रखें, बल्कि उन शब्दों के बीच छिपी भावनाओं को समझने और उन्हें पर्दे पर उतारने का मौका भी मिले। किनारे में मुझे एक अभिनेता के तौर पर ऐसा अनुभव मिला। 

राजीव ने कहा, फिल्म की कहानी का विषय ऐसा है, जिससे हर कोई जुड़ाव महसूस कर सकता है। मुझे उम्मीद है कि फिल्म देखने वाले दर्शक इससे प्रभावित होंगे और कहानी उनके भीतर कुछ बदलाव भी लाएगी। कीर्ति कुल्हारी की पहली फीचर फिल्म प्रोडक्शन किनारे की कहानी दिल्ली के पास बसे एक गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित है। 

फिल्म में कीर्ति अमीना का किरदार निभा रही हैं, जो अकेली रहती हैं और अपना ज्यादातर समय बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और घर संभालने में बिताती हैं। उनकी जिंदगी में तब बदलाव आता है, जब 15 साल बाद उनका कजिन भाई आजम अचानक उनसे मिलने पहुंचता है। उसकी वापसी से परिवार के अतीत से जुड़े ऐसे राज सामने आने लगते हैं, जिनकी वजह से कभी परिवार के रिश्तों में दरार आ गई थी। 

फिल्म की कहानी और निर्देशन कादरी ब्रदर्स यानी अकबर कादरी और आजम कादरी ने किया है। कीर्ति ने अपने प्रोडक्शन बैनर किंत्सुकुरोई फिल्म्स के तहत इस फिल्म को बनाया है। वहीं अभिषेक कोका और मानसी गुप्ते ने को-प्रोड्यूस किया है। -आईएएनएस

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