
मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के किनारे से 15 दिन में हटेंगे अवैध निर्माण, जिलाधिकारी ने प्राधिकरण को दिए सख्त निर्देश
पालघर। मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्षों से बने अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमणों के खिलाफ अब जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को स्पष्ट निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के अधिकार क्षेत्र में चिह्नित सभी अतिक्रमणों को 15 दिनों के भीतर हटाने की कार्रवाई पूरी की जाए।
राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से लगे अतिक्रमणों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से अब तक की गई कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने में हो रही देरी की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों की ओर से देरी को लेकर दिए गए स्पष्टीकरण पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक बार हाईवे की सीमा निर्धारित हो जाने के बाद उस क्षेत्र में मौजूद अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की है। कार्यक्षेत्र का हवाला देकर कार्रवाई में देरी या जिम्मेदारी से बचने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने हाईवे से लगे सभी संबंधित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर अतिक्रमणों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं।
अतिक्रमणों का निर्धारण मार्गाधिकार और नियंत्रण रेखा के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, वन विभाग, वसई-विरार शहर महानगरपालिका और संबंधित तहसीलदारों के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा।
विशेष रूप से तुंगारेश्वर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा के भीतर आने वाले अतिक्रमणों को स्पष्ट रूप से चिह्नित कर तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के अधिकार क्षेत्र से संबंधित अतिक्रमित क्षेत्रों को लेकर विभाग से रिपोर्ट लेने को भी कहा गया है।
जिलाधिकारी ने चिह्नित हो चुके अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमणों को 15 दिनों के भीतर हटाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कहा कि कार्रवाई की स्पष्ट कार्रवाई रिपोर्ट जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी, ताकि यह पता चल सके कि कितने अतिक्रमण चिह्नित किए गए और कितनों पर कार्रवाई की गई।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन को आवश्यक सहयोग और पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सक्षम प्राधिकरण के साथ समन्वय कर कानूनी नोटिस जारी करने और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया को भी तत्काल पूरा करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल एक विभाग की जिम्मेदारी मानकर नहीं छोड़ी जा सकती। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई करनी होगी। कार्य क्षेत्र को लेकर आपसी पत्राचार या विवाद के कारण कार्रवाई में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
जिला प्रशासन की ओर से पूरी अतिक्रमण हटाओ मुहिम की नियमित निगरानी की जाएगी। कार्रवाई की प्रगति की समयबद्ध समीक्षा के साथ संबंधित विभागों से अनुपालन रिपोर्ट ली जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्देशों के बावजूद यदि किसी विभाग की ओर से कार्रवाई में लापरवाही, देरी या दिरंगाई सामने आती है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से लगे अवैध निर्माण और अतिक्रमणों के खिलाफ आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई होने की संभावना है। -आईएएनएस
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