
स्वास्थ्य सेवाओं में एआई क्रांति : अनुप्रिया पटेल ने 50 हजार डॉक्टरों के लिए ऑनलाइन कोर्स लॉन्च किया
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वायत्त निकाय नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) द्वारा तैयार किए गए एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
यह कार्यक्रम मेडिकल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर केंद्रित है।
यह विशेष प्रशिक्षण करीब 50 हजार डॉक्टरों के लिए बनाया गया है। इसमें डॉक्टरों को एआई की बुनियादी ट्रेनिंग दी जाएगी और क्लिनिकल प्रैक्टिस, डायग्नोस्टिक्स, क्लिनिकल निर्णय लेने, रिसर्च तथा मेडिकल शिक्षा में इसके उपयोग के बारे में बताया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य डॉक्टरों की डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाना है, ताकि वे स्वास्थ्य सेवाओं और पढ़ाई में एआई आधारित टूल्स को आसानी से इस्तेमाल कर सकें।
कार्यक्रम के लॉन्च पर अनुप्रिया पटेल ने खुशी जताई कि अब तक 42 हजार से ज्यादा डॉक्टरों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। उन्होंने इसे समय पर और दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में जहां गैर-संचारी बीमारियां और टीबी जैसी चुनौतियां बहुत बड़ी हैं, ऐसे कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं को सिर्फ इलाज करने से आगे बढ़ाकर रोकथाम और सक्रिय दृष्टिकोण की ओर ले जा सकते हैं।
राज्यमंत्री ने जोर दिया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल अब कोई विकल्प नहीं रहा, बल्कि यह जरूरत बन चुका है। उनका कहना है कि एआई का मकसद डॉक्टरों की जगह लेना नहीं है, बल्कि उनकी क्षमताओं को मजबूत करना है। यह डॉक्टरों की कमी को पूरा करने और मरीजों की बढ़ती संख्या को संभालने में मदद करेगा। उन्होंने नैतिकता, पहुंच और जवाबदेही पर भी बल दिया, ताकि एआई का उपयोग रोगियों के हित में हो और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए।
उन्होंने एनबीईएमएस की इस पहल की तारीफ की और कहा कि संस्थान ने कार्यक्रम की योजना और अमल में बेहतरीन काम किया है। एनबीईएमएस उभरती तकनीकों को अपनाकर मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुन्या सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि यह पहल मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने और देशभर के डॉक्टरों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। ऐसी कोशिशें उभरती तकनीकों को जिम्मेदारी से अपनाने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने और भारत के डिजिटल स्वास्थ्य लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण हैं।
एनबीईएमएस के अध्यक्ष डॉ. अभिजात सेठ ने बताया कि यह कार्यक्रम मेडिकल शिक्षा को आधुनिक बनाने और डॉक्टरों की क्षमता निर्माण को मजबूत करने की एनबीईएमएस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने मंत्रालय के निरंतर समर्थन के लिए आभार जताया और उम्मीद जताई कि यह कार्यक्रम डॉक्टरों को सशक्त बनाएगा तथा बेहतर स्वास्थ्य परिणामों में योगदान देगा।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एनबीईएमएस के पदाधिकारी और मेडिसिन, मेडिकल शिक्षा तथा हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ वर्चुअली शामिल हुए। यह पहल भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र को एआई की मदद से और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। -आईएएनएस
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