
मुंबई में इस साल के पहले नौ महीने में बिके 72,804 घर; 2018 के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा: रिपोर्ट
बिजनेस डेस्क। मुंबई
मुंबई के आवासीय बाजार में जनवरी-सितंबर के दौरान 2018 के बाद सबसे अधिक बिक्री दर्ज की गई है और यह सालाना आधार पर 1 प्रतिशत बढ़कर 72,804 इकाई हो गई है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
नाइट फ्रैंक इंडिया की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि के दौरान डेवलपर्स ने 72,673 नई आवासीय इकाइयां लॉन्च कीं, जो सालाना आधार पर 13 प्रतिशत अधिक है। इससे नई आपूर्ति मांग के लगभग अनुरूप बनी रही।
इसके अलावा, मुंबई देश का सबसे बड़ा आवासीय बाजार बना रहा। देश के आठ प्रमुख शहरों में इस अवधि के दौरान बिके कुल 2,58,238 घरों में मुंबई की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही। वहीं, इस दौरान लॉन्च की गई कुल 2,79,899 इकाइयों में मुंबई की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रही।
रिपोर्ट के अनुसार, 1 करोड़ रुपए से कम कीमत वाले घरों की बिक्री में अभी भी सबसे अधिक हिस्सेदारी रही, लेकिन मांग धीरे-धीरे अधिक कीमत वाली संपत्तियों की ओर बढ़ रही है। रिपोर्ट में कहा गया कि 1 करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले घर बिक्री की वृद्धि के प्रमुख चालक बनकर उभरे हैं। इसे बढ़ती आय और संपन्न खरीदारों की लगातार बनी हुई मांग से समर्थन मिला है।
देश के आठ प्रमुख शहरों में 2026 के पहले नौ महीनों में आवासीय बिक्री लगभग स्थिर रही और 2,58,238 इकाई रही, जबकि नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग 4 प्रतिशत बढ़कर 2,79,899 इकाई हो गई। नाइट फ्रैंक इंडिया के गुलाम जिया के अनुसार, बाजार की मजबूती अब तेजी से अधिक कीमत वाले घरों की मांग से प्रेरित हो रही है, हालांकि मुंबई देश का सबसे बड़ा किफायती आवास बाजार बना हुआ है।
मुंबई में पूरे साल तिमाही आधार पर बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हुई। पहली तिमाही में 23,185 इकाइयों से बढ़कर तीसरी तिमाही में 25,449 इकाई हो गई, जो 2018 के बाद किसी तिमाही में बिक्री का सबसे ऊंचा स्तर है।
बिक्री नहीं हुए घरों की इन्वेंटरी सालाना आधार पर 2 प्रतिशत घटकर करीब 1,55,473 इकाई रह गई, क्योंकि नई लॉन्चिंग बिक्री की गति के लगभग अनुरूप रही।
50 लाख रुपए से कम कीमत वाले घरों की बिक्री सालाना आधार पर 6 प्रतिशत घटकर 26,136 इकाई रह गई। यह कुल बिक्री का 36 प्रतिशत है।
50 लाख रुपए से 1 करोड़ रुपए के बीच कीमत वाले घरों की बिक्री मामूली 1 प्रतिशत घटकर 17,601 इकाई रही। इनकी कुल बिक्री में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। सबसे मजबूत तेजी मिड-प्रीमियम और प्रीमियम श्रेणी में देखने को मिली।
1 करोड़ रुपए से 2 करोड़ रुपए के बीच कीमत वाले घरों की बिक्री 9 प्रतिशत बढ़कर 16,296 इकाई हो गई, जबकि 2 करोड़ रुपए से 5 करोड़ रुपए की श्रेणी में बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 9,861 इकाई रही।
इसके अलावा, 5 करोड़ रुपए से 10 करोड़ रुपए के बीच कीमत वाले घरों की बिक्री 16 प्रतिशत बढ़ी। वहीं, 10 करोड़ रुपए से 20 करोड़ रुपए और 20 करोड़ रुपए से 50 करोड़ रुपए की श्रेणियों में लेनदेन क्रमशः 40 प्रतिशत और 35 प्रतिशत बढ़ा।
इस अवधि के दौरान देश के आठ प्रमुख आवासीय बाजारों में 50 करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले बिके 53 घरों में से 41 मुंबई में थे।
खास बात यह है कि मुंबई में भारित औसत आवासीय कीमत 2026 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर 37,064 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई।
बाजार में बिक्री की गति भी बेहतर हुई। बिना बिके आवासीय स्टॉक को समाप्त करने में लगने वाले अनुमानित समय को दर्शाने वाला क्वार्टर्स टू सेल (क्यूटीएस) 2026 की तीसरी तिमाही में घटकर 6.4 तिमाही रह गया, जो एक साल पहले 6.6 तिमाही था। -आईएएनएस
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