
सूप-सब्जी में बेकार समझकर जिसे फेंका वही डंठल बालकनी में उगाएगी ताजा ऑर्गेनिक धनिया!
बाजार से जब भी हरा धनिया आता है तो अक्सर हम उसकी पत्तियों को छांटकर डंठल को कचरा समझकर डस्टबिन में डाल देते हैं। लेकिन रसोई की यह बेकार समझी जाने वाली चीज़ आपके लिए एक बड़ा बेस्ट इनवेस्टमेंट साबित हो सकती है। बिना एक भी रुपया खर्च किए और बिना बीज खरीदे आप सिर्फ पानी की मदद से अपनी बालकनी या रसोई की खिड़की पर लहलहाता खुशबूदार धनिया उगा सकते हैं।
डंठल का सही चुनाव ही असली सीक्रेट है
हर डंठल से नया पौधा नहीं बनता। धनिया का तना चुनते समय बस दो बातें ध्यान रखनी होंगी:
डंठल ताज हरी और थोड़ी मोटी होनी चाहिए।
सबसे जरूरी बात डंठल के सबसे निचले हिस्से में हल्की सी जड़ या लिविंग टिश्यू का होना जरूरी है।
स्टेप 1: पानी से करें जादुई शुरुआत
अगर आपके पास मिट्टी या गमला नहीं है तब भी यह तरीका 100 प्रतिशत काम करता है। ऊपर की हरी पत्तियों को अपनी दाल या चटनी के लिए इस्तेमाल कर लें और नीचे की 3 से 4 इंच लंबी डंठल बचा लें। कांच के एक छोटे गिलास या जार में थोड़ा सा साफ पानी भरें। डंठल को उसमें इस तरह रखें कि सिर्फ उसका निचला 1 इंच हिस्सा ही पानी में डूबे। पूरी डंठल डुबोने से वह गल सकती है। गिलास को धूप वाली खिड़की या बालकनी में रखें जहाँ अच्छी हवा और रोशनी आती हो। हर दूसरे दिन गिलास का पानी बदलना होगा। 5 से 6 दिनों के भीतर आपको नीचे सफेद जड़ें और ऊपर नन्हीं हरी पत्तियां फूटती दिखने लगेंगी।
स्टेप 2: गमले में शिफ्ट करके सालभर पाएं फ्री सप्लाई
जब डंठल में मजबूत जड़ें निकल आएं तो बेहतर और लंबे समय तक पैदावार पाने के लिए उसे गमले की मिट्टी में ट्रांसफर किया जा सकता है। गमले की मिट्टी में थोड़ा कोकोपीट और गोबर की खाद मिलाएं ताकि मिट्टी हल्की रहे और पानी आसानी से निकल सके। जड़ों वाली डंठल को मिट्टी में दबाएं और हल्का पानी छिड़कें। गमले को ऐसी जगह रखें जहां दिन की 3 से 4 घंटे की हल्की धूप मिलती हो।
बोनस हैक
डंठल को पानी में डालने से पहले उसके निचले हिस्से पर थोड़ा सा एलोवेरा जेल या दालचीनी का पाउडर लगा सकते हैं। यह एक नेचुरल रूटिंग हार्मोन की तरह काम करता है, जो डंठल को सड़ने से बचाता है और जड़ें तेजी से निकालता है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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