
मानसून में पौधे को बड़े गमले में शिफ्ट करने का सही तरीका, जानें वो सीक्रेट्स जो कोई नहीं बताता
मानसून का मौसम आते ही प्रकृति अंगड़ाई लेने लगती है और चारों तरफ हरियाली छा जाती है। होम गार्डनर्स के लिए यह मौसम अपने पौधों को नया जीवन देने और उन्हें रीपॉट करने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि छोटे गमले से बड़े गमले में शिफ्ट करते ही उनका हरा-भरा पौधा अचानक सूख जाता है या मुरझा जाता है।
अगर आप भी इस मानसून अपने पौधों को नए घर में शिफ्ट करने की सोच रहे हैं तो आइए जानते हैं इसका सबसे आसान सुरक्षित और सही तरीका।
कैसे पहचानें कि पौधे को नए घर की जरूरत है?
कई बार हम समझ नहीं पाते कि पौधे को कब बड़े गमले में शिफ्ट करना है। अगर आपके पौधे में ये 3 लक्षण दिख रहे हैं तो समझ जाइए कि उसका गमला छोटा पड़ चुका है:
जड़ों का बाहर आना: गमले के नीचे बने ड्रेनेज होल छेद से पौधे की जड़ें बाहर निकलने लगें।
ग्रोथ का रुक जाना: पौधे की पत्तियां लगातार पीली पड़ रही हों और नई शाखाएं आना पूरी तरह बंद हो जाएं।
पानी का तुरंत गायब होना: गमले में पानी डालते ही वह मिट्टी में रुकने के बजाय तुरंत नीचे से बाहर बह जाए। इसका मतलब है कि गमले में मिट्टी कम और जड़ें ज्यादा हो चुकी हैं।
रीपॉटिंग का स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीका
खास नियम: नया गमला हमेशा पुराने गमले से सिर्फ 2 से 3 इंच बड़ा ही चुनें। बहुत बड़े गमले में मिट्टी ज्यादा होने के कारण पानी लंबे समय तक रुका रहता है जिससे जड़ें सड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
पहला स्टेप: पौधे को शिफ्ट करने से एक दिन पहले उसमें हल्का पानी दें। इससे मिट्टी नरम हो जाएगी और जड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना पौधा आसानी से बाहर निकल आएगा।
दूसरा स्टेप: नए गमले के छेद पर एक कंकड़ या टूटे हुए दीये का टुकड़ा रखें ताकि मिट्टी बाहर न बहे। इसके बाद गमले में ताजी और जैविक खाद से भरपूर मिट्टी की एक परत बिछाएं।
तीसरा स्टेप: पुराने पौधे को सावधानी से बाहर निकालें। अगर जड़ें बहुत ज्यादा उलझ गई हैं तो उन्हें हल्के हाथों से थोड़ा ढीला कर लें। पौधे को नए गमले के बीच में सीधा रखें और चारों तरफ से मिट्टी भरकर हल्के हाथों से दबा दें।
गार्डनिंग के वो सीक्रेट्स जो बहुत कम लोग जानते हैं
पौधे को नए गमले में लगाने के बाद अक्सर लोग कुछ गलतियां कर बैठते हैं। पौधे को हमेशा स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
छाया में रखें : रिपोटिंग के तुरंत बाद पौधे को कभी भी सीधी धूप में न रखें। उसे कम से कम 4 से 5 दिनों के लिए किसी छायादार जगह पर रखें ताकि जड़ें नए माहौल में आसानी से सेट हो सकें।
हल्दी का अचूक उपाय: नई मिट्टी तैयार करते समय उसमें एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर जरूर मिला दें। हल्दी एक बेहतरीन नेचुरल एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल का काम करती है जो मानसून में लगने वाले फंगस से जड़ों की रक्षा करती है।
पानी देने का सही नियम: शिफ्ट करने के तुरंत बाद गमले में भरपूर पानी दें। लेकिन इसके बाद दोबारा पानी तभी दें जब ऊपर की 1 इंच मिट्टी सूखी हुई दिखाई दे। मानसून में जरूरत से ज्यादा पानी देने से ही पौधे सबसे जल्दी खराब होते हैं।
हेमलता शर्मा जयपुर
#गोरापन पल भर में...अब आपके हाथों में






