Parenting : सुपर-पेरेंटिंग: ये 5 आदतें आपके बच्चे को बनाएंगी स्मार्ट और आत्मनिर्भर

Parenting : सुपर-पेरेंटिंग: ये 5 आदतें आपके बच्चे को बनाएंगी स्मार्ट और आत्मनिर्भर

आज के समय में हर पेरेंट्स का सपना होता है कि उनका बच्चा पढ़ाई में तेज हो कॉन्फिडेंट बने और लाइफ में आगे बढ़े। अक्सर हम सोचते हैं कि इसके लिए हमें बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए सबसे जरूरी चीज आपका समय समझ और सही तरीका है। छोटे छोटे बदलाव आपके बच्चे की सोच व्यवहार और फ्यूचर पर बड़ा असर डाल सकते हैं। 

अगर आप रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ आसान आदतें अपनाते हैं तो आपका बच्चा न सिर्फ पढ़ाई में अच्छा करेगा बल्कि समझदार क्रिएटिव और आत्मनिर्भर भी बनेगा। तो आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान और असरदार तरीके जो आपको एक जीनियस पैरेंट बना सकते हैं। 

आज की बिजी लाइफ में हम बच्चों के साथ बैठकर बात करना भूल जाते हैं, लेकिन यही छोटी सी आदत बहुत बड़ा बदलाव ला सकती है। हर दिन 10 15 मिनट अपने बच्चे से दिल से बात करें। उनसे पूछें कि उनका दिन कैसा रहा स्कूल में क्या हुआ उनके दोस्त कैसे हैं। इससे बच्चा खुलकर अपनी बातें शेयर करता है और उसका कॉन्फिडेंस बढ़ता है। साथ ही उसकी सोचने और बोलने की क्षमता भी बेहतर होती है। 

कई बार हम उनके सवालों से परेशान होकर उन्हें चुप करा देते हैं जो गलत है। जब बच्चा सवाल पूछे तो उसे ध्यान से सुनें और समझाने की कोशिश करें। अगर जवाब नहीं पता हो तो साथ में खोजें। इससे बच्चे की सोचने की क्षमता लॉजिक और क्रिएटिविटी तेजी से बढ़ती है। मोबाइल टीवी और टैबलेट आज बच्चों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन ज्यादा स्क्रीन टाइम उनके दिमाग और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। 

कोशिश करें कि बच्चे का स्क्रीन टाइम सीमित हो। उसकी जगह उसे किताबें पढ़ने ड्रॉइंग करने खेल खेलने या पजल्स सॉल्व करने के लिए मोटिवेट करें। इससे उसका फोकस और कल्पना शक्ति मजबूत होती है। हर बच्चा चाहता है कि उसके काम अप्रीशीएट किया जाए। अगर आप उसकी छोटी छोटी उपलब्धियों की भी तारीफ करेंगे तो उसका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। 

ध्यान रखें कि तारीफ दिल से और सच्ची हो।गलती होने पर डांटने के जगह प्यार से समझाएं।इससे बच्चा डरने के जगह सीखने की कोशिश करेगा और खुद पर भरोसा करना सीखेगा। बच्चों को छोटी छोटी जिम्मेदारियां देना बहुत जरूरी है। जैसे अपना बैग खुद तैयार करना। किताबें सही से रखना या अपना कमरा साफ करना।इससे उनमें अनुशासन और जिम्मेदारी आती है। 

धीरे धीरे वे खुद फैसले लेना भी सीख जाते हैं जो उनके फ्यूचर के लिए बहुत जरूरी है। हर बच्चा अलग होता है। उसकी सोच उसकी क्षमता और उसकी रुचि भी अलग होती है।कभी भी अपने बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से न करें।इससे उसका कॉन्फिडेंस कम हो सकता है। उसकी ताकत को पहचानें और उसे उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करें। 

-हेमलता शर्मा, जयपुर

#घरेलू उपाय से रखें पेट साफ



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