Parenting : एआई के दौर में कोडिंग नहीं, ये सुपर पावर्स दिलाएंगी आपके बच्चों को कामयाबी

Parenting : एआई के दौर में कोडिंग नहीं, ये सुपर पावर्स दिलाएंगी आपके बच्चों को कामयाबी

​आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI और रोबोटिक्स के तेजी से बढ़ते इस दौर में माता-पिता अक्सर इस उलझन में रहते हैं कि वे अपने बच्चों को ऐसा क्या सिखाएं जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। अब तक माना जाता था कि भविष्य में सिर्फ कोडिंग जानने वाले ही राज करेंगे लेकिन बदलते तकनीकी परिवेश ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। 

आज के समय में केवल मशीनी भाषा या किताबी ज्ञान बच्चों को कामयाबी के शिखर पर नहीं ले जा सकता। भविष्य की इस रेस में वही बच्चे सबसे आगे निकलेंगे। जिनके पास ऐसी इंसानी क्षमताएं होंगी जिन्हें कोई भी रोबोट या कंप्यूटर कभी कॉपी नहीं कर सकता। ​ 

विशेषज्ञों का मानना है कि मशीनों के इस युग में बच्चों को सिकंदर बनाने के लिए माता-पिता को बचपन से ही उनमें कुछ खास लाइफ स्किल्स यानी जीवन कौशल विकसित करने होंगे। ये हुनर बच्चों को हर मुश्किल परिस्थिति का सामना करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे। ​

बच्चों को रोबोट प्रूफ बनाने वाले 5 मुख्य हुनर:

​इमोशनल इंटेलिजेंस: 

एआई के पास डेटा हो सकता है लेकिन वह इंसानी भावनाओं को महसूस नहीं कर सकता। बचपन से ही बच्चों को अपनी और दूसरों की भावनाओं को समझना व उनका सम्मान करना सिखाना जरूरी है। यही गुण उन्हें आगे चलकर एक बेहतरीन लीडर बनाता है। ​

क्रिटिकल थिंकिंग: 
इंटरनेट पर मौजूद हर जानकारी सही नहीं होती। बच्चों में हर बात पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय सवाल पूछने की आदत डालें ताकि वे सही और गलत का अंतर खुद समझ सकें। ​

अडैप्टेबिलिटी परिस्थितियों के अनुसार ढलना : 

भविष्य की तकनीक और नौकरियां कैसी होंगी। यह आज कोई नहीं जानता। इसलिए बच्चों का मानसिक रूप से लचीला होना बहुत जरूरी है ताकि वे हर बदलाव को आसानी से स्वीकार कर सकें। ​

क्रिएटिविटी : 
कला संगीत या कुछ नया सोचने की क्षमता हमेशा इंसानी दिल और दिमाग से ही निकलती है। बच्चों को खाली समय दें ताकि वे अपनी कल्पना से नई चीजें ईजाद कर सकें। ​

आत्मनिर्भरता: 
अपनी उम्र के हिसाब से छोटे-छोटे काम खुद करने से बच्चों में गजब का आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना पैदा होती है जो उन्हें लाइफ में कभी पीछे नहीं हटने देती। ​ तकनीक के इस दौर में बच्चों को सिर्फ गैजेट्स का गुलाम बनाने के बजाय एक मजबूत संवेदनशील और समझदार इंसान बनाना ही माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। 

-हेमलता शर्मा, जयपुर

#पहने हों कछुआ अंगूठी तो नहीं होगी पैसों की तंगी...



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