व्रत में बनाएं साबूदाना खिचड़ी, स्वाद के साथ पेट भी रहेगा भरा

व्रत में बनाएं साबूदाना खिचड़ी, स्वाद के साथ पेट भी रहेगा भरा

व्रत के दौरान कुछ ऐसा खाने का मन करता है, जो स्वादिष्ट होने के साथ पेट भी लंबे समय तक भरा रखे। ऐसे में साबूदाना खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प है। साबूदाने की मोती जैसी पारदर्शी दानेदार बनावट, भुनी हुई मूंगफली का कुरकुरापन और हरी मिर्च का हल्का तीखापन इस डिश को खास बना देता है। नवरात्रि, शिवरात्रि या किसी अन्य व्रत के दौरान इसे आसानी से बनाया जा सकता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तैयार करने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि साबूदाना भिगोने का सही तरीका इसकी खिचड़ी को स्वादिष्ट और खिली-खिली बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। अगर साबूदाना ज्यादा पानी में भिगो दिया जाए, तो खिचड़ी चिपचिपी हो सकती है।




साबूदाना भिगोने का सही तरीका




सबसे पहले साबूदाने को एक-दो बार साफ पानी से धो लें। अब इसे इतना ही पानी डालकर भिगोएं कि साबूदाना बस हल्का-सा पानी सोख ले। इसे करीब 4 से 6 घंटे या सुविधानुसार भिगोकर रखें। समय पूरा होने के बाद एक साबूदाना उंगलियों के बीच दबाकर देखें। अगर वह आसानी से दब जाए, तो समझिए साबूदाना अच्छी तरह तैयार है। अतिरिक्त पानी बचा हो तो उसे निकाल दें और साबूदाने को कुछ देर खुला छोड़ दें। इससे दाने अलग-अलग रहेंगे और खिचड़ी चिपचिपी नहीं बनेगी।




खिचड़ी के लिए तैयार करें मसाला





एक कड़ाही में थोड़ा घी या तेल गर्म करें। इसमें जीरा और हरी मिर्च डालकर हल्का भूनें। इसके बाद उबले हुए या छोटे टुकड़ों में कटे आलू डालें और कुछ मिनट तक सेंकें। अब इसमें सेंकी हुई मूंगफली डालें। स्वाद बढ़ाने के लिए सेंधा नमक और थोड़ा-सा काली मिर्च पाउडर डाल सकते हैं। व्रत के दौरान सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है। चाहें तो इसमें करी पत्ता या हरा धनिया भी डाल सकते हैं, अगर आपके व्रत के नियमों में इन चीजों की अनुमति हो।




साबूदाना डालकर ऐसे पकाएं





अब तैयार मिश्रण में भीगा हुआ साबूदाना डालें और सभी चीजों को हल्के हाथों से मिला दें। इसे मध्यम से धीमी आंच पर पकाना बेहतर रहता है। साबूदाने को लगातार बहुत ज्यादा न चलाएं, वरना दाने टूटकर चिपचिपे हो सकते हैं। कुछ मिनट पकाने के बाद जब साबूदाना पारदर्शी दिखाई देने लगे, तो समझिए खिचड़ी तैयार है। आखिर में बारीक कटा हरा धनिया डालें और चाहें तो थोड़ा नींबू का रस मिलाएं। नींबू की हल्की खटास मूंगफली और आलू के स्वाद को और निखार देती है।





गर्मागर्म परोसें और स्वाद बढ़ाएं





साबूदाना खिचड़ी को गर्मागर्म परोसना सबसे अच्छा रहता है। इसके साथ दही, हरी चटनी या मूंगफली की चटनी रख सकते हैं, बशर्ते ये चीजें आपके व्रत के नियमों के अनुकूल हों। अगर आप खिचड़ी को हल्का रखना चाहते हैं, तो घी या तेल की मात्रा सीमित रखें। वहीं स्वाद के लिए मूंगफली और नींबू का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह घर पर बनी साबूदाना खिचड़ी स्वादिष्ट होने के साथ व्रत के दौरान एक आसान और संतोषजनक भोजन का विकल्प बन सकती है।

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