जब अकेलेपन से होने लगे इश्क...

जब अकेलेपन से होने लगे इश्क...

आजकल लोग आने आपमें इतने मस्त हो गये हैं कि उनके पास किसी के लिए टाइम नहीं है, अक्सर यह बात महा नगरों के लिए कहीं जाती थी लेकिन अब लगभग सभी शहरों की तसवीर समान है। लोग अपनी इस व्यस्तता से भले ही खुश हों, लेकिन असल में यह व्यस्तता उन्हें ऎसा अकेलापन गिफ्ट में दे रही है जेा बाद में उन्हें डिप्रेशन का शिकार भी बना सकता है। शुरू-शुरू में में तो इसका एहसान कुछ हद तक कम ही होता है। लेकिन जब हम समस्याओं से घिरे होेते हैं और साथ देने के लिए कोई नहीं होता, तब यह अकेलापन खुलकर सामने आता है और हमें लाइफ सजी की तरह लगने लगती है।


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