क्यों पहनाया जाता है कलीरा

क्यों पहनाया जाता है कलीरा

दूल्हन को देंगी शाही लुक
 दुल्हन को चूड़़े की ही तरह कलीरे भी मां के घर (नानी या मामा) की तरफ से शगुन के तौर पर दिए जाते हैं इसे भी शादी के पहले चूड़़े की रस्म के बाद दोनों हाथों में पहनाया (चूड़़े पर बांधा) जाता है। कलीरों को चूड़़े के आगे पहने हुई एक लोहे के कड़े पर बांधा जाता है। चूड़़े की ही तरह इसे भी मामा ही पहनाते हैं, लेकिन आजकल दुल्हन की बहनें या दोस्त ही इसे बांधती हैं। इसके बंधने के बाद दुल्हन को शादी तक इन्हें पहनना होता है और बाद में या अगले दिन जब कपल मंदिर या गुरूद्वारे जाते हैं, तब एक कलीरा दुल्हन वहीं छोड़ देती है और दूसरा अपने पास रख लेती है।


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