
घर के नए फर्नीचर में लगी है फफूंदी, तो इन तरीकों से बनाएं पहले जैसा
घर में नया फर्नीचर आने के बाद उसे लंबे समय तक साफ और खूबसूरत बनाए रखना हर किसी की चाहत होती है। लेकिन बरसात के मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण लकड़ी के फर्नीचर पर फफूंदी दिखाई देने लगती है। खासकर ऐसे फर्नीचर में, जिसे दीवार से बिल्कुल सटाकर रखा गया हो या जहां हवा का आना-जाना कम हो, यह समस्या जल्दी हो सकती है। फफूंदी केवल फर्नीचर की खूबसूरती खराब नहीं करती, बल्कि इसकी गंध भी कमरे के माहौल को प्रभावित कर सकती है। इसे देखते ही घबराने या फर्नीचर फेंकने की जरूरत नहीं है। अगर समस्या सतह तक सीमित है, तो सावधानी से सफाई करके इसे काफी हद तक हटाया जा सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा फफूंदी, लकड़ी के अंदर तक पहुंची नमी या लगातार लौटती समस्या में विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर होता है।
सबसे पहले फर्नीचर को सूखी जगह पर रखें
फफूंदी हटाने से पहले फर्नीचर को ऐसी जगह ले जाएं जहां हवा का अच्छा वेंटिलेशन हो। अगर फर्नीचर भारी है और उसे हिलाना संभव नहीं है, तो उसके आसपास की जगह खाली करके खिड़की या दरवाजा खोल दें। सफाई करते समय दस्ताने और मास्क पहनना बेहतर है, खासकर अगर फफूंदी ज्यादा हो। इसे सूखे कपड़े से जोर-जोर से रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे फफूंदी के कण हवा में फैल सकते हैं। पहले नमी के स्रोत को कम करना जरूरी है, तभी सफाई का असर लंबे समय तक रहेगा।
सूखे और मुलायम कपड़े से करें सफाई
अगर फफूंदी हल्की है और केवल सतह पर दिखाई दे रही है, तो पहले मुलायम कपड़े या उपयुक्त ब्रश से सावधानीपूर्वक सतह साफ करें। लकड़ी पर बहुत ज्यादा पानी डालने से बचें, क्योंकि अतिरिक्त नमी समस्या को और बढ़ा सकती है। सफाई के बाद फर्नीचर को पूरी तरह सूखने दें। अगर फर्नीचर पर पॉलिश, लैमिनेट या कोई विशेष कोटिंग है, तो किसी भी क्लीनिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले निर्माता के निर्देश जरूर देखें।
सिरके जैसे घरेलू उपाय में भी रखें सावधानी
कुछ लोग सतही फफूंदी के लिए पानी में थोड़ी मात्रा में सफेद सिरका मिलाकर सफाई करते हैं, लेकिन इसे हर तरह की लकड़ी या फिनिश पर सुरक्षित नहीं माना जा सकता। पहले फर्नीचर के किसी छिपे हुए छोटे हिस्से पर परीक्षण करें। किसी भी हालत में सिरके को ब्लीच या दूसरे क्लीनिंग केमिकल के साथ न मिलाएं। अगर सतह का रंग, पॉलिश या कोटिंग बदलने लगे, तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।
फर्नीचर को धूप और हवा दें
सफाई के बाद फर्नीचर को अच्छी तरह सूखाना सबसे जरूरी चरण है। मौसम और फर्नीचर की सामग्री के अनुसार उसे हवादार जगह पर रखें। बहुत तेज सीधी धूप में लंबे समय तक रखने से कुछ लकड़ी या फिनिश का रंग प्रभावित हो सकता है, इसलिए संतुलित तरीके से सुखाएं। फर्नीचर को दीवार से थोड़ा दूर रखने से उसके पीछे हवा का आवागमन बना रहता है और नमी जमा होने की संभावना कम हो सकती है।
फफूंदी बार-बार आए तो कारण पहचानें
अगर सफाई के कुछ दिनों बाद फफूंदी दोबारा दिखाई देने लगे, तो केवल फर्नीचर साफ करना पर्याप्त नहीं होगा। कमरे में सीलन, दीवार से आने वाली नमी, पानी का रिसाव या खराब वेंटिलेशन इसकी वजह हो सकता है। ऐसे में नमी के स्रोत को ठीक करना जरूरी है। अगर फफूंदी बड़े हिस्से में फैल चुकी है, लकड़ी फूल रही है या बदबू लगातार बनी हुई है, तो पेशेवर मदद लेना बेहतर है। फर्नीचर को खूबसूरत बनाए रखने के साथ-साथ नमी को नियंत्रित करना ही फफूंदी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
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