
Health Tips: अगर टॉयलेट में लगाना पड़ता है जोर, तो हो सकता है सेहत से जुड़ा खतरा
सुबह टॉयलेट जाना हमारी रोजमर्रा की दिनचर्या का सामान्य हिस्सा है, लेकिन अगर हर बार मल त्याग करते समय बहुत ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह कब्ज की समस्या का संकेत हो सकता है, जिसमें पेट ठीक से साफ नहीं होता और मल सख्त हो जाता है। पानी कम पीना, खाने में फाइबर की कमी, घंटों एक ही जगह बैठे रहना या टॉयलेट की जरूरत को रोकते रहना इसकी वजह बन सकता है। लगातार जोर लगाने से परेशानी और बढ़ सकती है और बवासीर जैसी समस्या का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि शरीर के इस संकेत को समझा जाए और समय रहते अपनी दिनचर्या में बदलाव किया जाए।
सबसे पहले समझें कब्ज की समस्या
अगर टॉयलेट जाते समय आपको रोजाना जोर लगाना पड़ता है, मल बहुत सख्त आता है या पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास रहता है, तो यह कब्ज की तरफ इशारा कर सकता है। कई लोग इस समस्या को मामूली समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं। धीरे-धीरे टॉयलेट जाने का समय भी बढ़ जाता है और पेट भारी रहने लगता है। ऐसे में सबसे पहले अपनी रोज की आदतों पर नजर डालें। क्या आप पर्याप्त पानी पी रही हैं, समय पर खाना खा रही हैं और शरीर को रोज थोड़ा-बहुत चलने-फिरने का मौका दे रही हैं? कई बार छोटे बदलाव भी इस परेशानी में मदद कर सकते हैं।
खाने में बढ़ाएं फाइबर वाली चीजें
कब्ज से बचने के लिए खानपान का ध्यान रखना काफी जरूरी है। रोज के खाने में फल, हरी सब्जियां, सलाद, दालें और साबुत अनाज शामिल किए जा सकते हैं। फाइबर वाली चीजें पाचन को बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं। हालांकि एकदम से बहुत ज्यादा फाइबर खाने की बजाय इसे धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर होता है। इसके साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। केवल फाइबर बढ़ाकर पानी कम पीने से कुछ लोगों को पेट फूलने या असहजता की समस्या हो सकती है।
टॉयलेट में ज्यादा देर तक न बैठें
कई लोगों की आदत होती है कि वे टॉयलेट में मोबाइल लेकर काफी देर तक बैठे रहते हैं। इससे जरूरत से ज्यादा समय तक बैठना और जोर लगाना बढ़ सकता है। टॉयलेट की जरूरत महसूस होने पर जाएं और काम हो जाने के बाद वहां बेवजह ज्यादा देर तक न बैठें। शरीर को जबरदस्ती जोर लगाकर पेट साफ करने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। अगर तुरंत राहत नहीं मिल रही है, तो अपनी डाइट और दिनचर्या पर ध्यान दें।
रोज थोड़ा चलना-फिरना भी है जरूरी
सारा दिन बैठे रहने से शरीर की गतिविधि कम हो जाती है, जिसका असर पाचन पर भी पड़ सकता है। इसलिए रोजाना कुछ समय पैदल चलने, हल्की एक्सरसाइज या अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधि करने की आदत बनाएं। सुबह या शाम की सैर शरीर को एक्टिव रखने के साथ पाचन के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। इसके अलावा टॉयलेट जाने के लिए एक नियमित समय बनाने की कोशिश करें और शरीर की जरूरत को बार-बार रोककर न रखें।
कब डॉक्टर से सलाह लेना है जरूरी
अगर यह परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है, मल में खून दिखाई देता है, तेज पेट दर्द होता है या बिना किसी कारण वजन कम हो रहा है, तो इसे घरेलू उपायों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसे लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। टॉयलेट के दौरान कभी-कभार जोर लगना अलग बात है, लेकिन अगर यह रोज की परेशानी बन गई है, तो समय रहते कारण समझना और अपनी दिनचर्या में बदलाव करना जरूरी है।






