
Gardening: तपती गर्मी में भी गुलाबों से महकेगा गार्डन, एक्सपर्ट ने बताया एलोवेरा और केले के छिलके का जादुई नुस्खा
गर्मियों के मौसम में तेज धूप और लू के कारण अक्सर गुलाब के पौधे सूखने लगते हैं या उनकी पत्तियां पीली पड़कर गिरने लगती हैं। माली और गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के अनुसार इस मौसम में पौधों को ऐसी खाद की जरूरत होती है जो पोषण देने के साथ-साथ मिट्टी को ठंडा भी रखे।
आरवी गार्डन के विशेषज्ञों ने एक ऐसा ही घरेलू और मुफ्त नुस्खा साझा किया है जो आपके मुरझाए हुए गुलाब में नई जान फूंक सकता है। यहाँ इस खास ठंडी खाद को बनाने और इस्तेमाल करने का पूरा तरीका बताया गया है:
एलोवेरा और केले का शक्तिशाली मिश्रणः
गुलाब के लिए यह खाद दो मुख्य चीजों से बनती है। एलोवेरा जड़ों को फंगस से बचाता है और उन्हें ठंडक प्रदान करता है। वहीं केले के छिलके पोटेशियम का सबसे बड़ा स्रोत हैं, जो फूलों की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं।
खाद तैयार करने की विधिः
सबसे पहले एक लीटर पानी लें और उसमें एक ताजी एलोवेरा पत्ती का गूदा जेल अच्छी तरह मिला दें। दूसरी तरफ केले के छिलकों को सुखाकर उनका पाउडर बना लें। एलोवेरा वाले पानी में एक चम्मच केले के छिलके का पाउडर मिलाएं। यह एक बेहतरीन लिक्विड फर्टिलाइजर तैयार हो जाएगा।
इस्तेमाल का सही समयः
गर्मी के दिनों में दोपहर के समय खाद देना हानिकारक हो सकता है। इस घोल को हमेशा सुबह सूरज निकलने से पहले या शाम को सूर्यास्त के बाद ही पौधों में डालें। ठंडी मिट्टी में जड़ें पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से सोखती हैं।
गुड़ाई है जरूरीः
खाद डालने से एक दिन पहले गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें। इससे मिट्टी में हवा का संचार बढ़ता है और जब आप लिक्विड खाद डालते हैं तो वह सीधा जड़ों की गहराई तक पहुँचती है।
साप्ताहिक अंतराल रखेंः
पौधों को बहुत अधिक खाद देना भी नुकसानदेह हो सकता है। एक्सपर्ट की सलाह है कि इस मिश्रण का प्रयोग हफ्ते में केवल एक बार ही करें। यह धीरे-धीरे मिट्टी की क्वालिटी को सुधारेगा और नई कलियां लाने में मदद करेगा।
मल्चिंग से बचाएं नमीः
अगर धूप बहुत ज्यादा है तो खाद देने के बाद मिट्टी के ऊपर सूखे पत्ते या सूखी घास बिछा दें। इसे मल्चिंग कहते हैं। इससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है और जड़ें लू की मार से बची रहती हैं।
- हेमलता शर्मा, जयपुर
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