
Gardening : गमले में उगेगी इतनी हरी मिर्च कि बाजार जाना भूल जाएंगे, अपनाएं यह जादुई तरीका
घर की बालकनी या छत पर सब्जियां उगाने का शौक आजकल तेजी से बढ़ रहा है। अगर आप भी रसोई के बजट को कम करना चाहते हैं और ताजी हरी मिर्च का स्वाद लेना चाहते हैं, तो इसे गमले में उगाना बेहद आसान है। बस आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा।
ऐसे तैयार करें सबसे ताकतवर मिट्टी:
हरी मिर्च के पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए साधारण मिट्टी के बजाय एक खास मिक्स तैयार करें। इसके लिए 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी 30 प्रतिशत गोबर की खाद या केंचुआ खाद वर्मी कम्पोस्ट और 20 प्रतिशत कोकोपीट मिलाएं। कोकोपीट मिट्टी में नमी बनाए रखता है और खाद पौधे को जरूरी पोषण देती है। गमले के नीचे ड्रेनेज होल पानी निकलने का रास्ता होना बहुत जरूरी है ताकि जड़ें सड़ें नहीं।
ज्यादा मिर्च पाने की सीक्रेट ट्रिक 3G प्रूनिंग:
पौधे को घना बनाने और ज्यादा मिर्च पाने के लिए एक बेहतरीन तरीका है प्रूनिंग। जब मिर्च का पौधा लगभग एक फीट का हो जाए तो उसके सबसे ऊपरी हिस्से को थोड़ा सा काट पिंच कर दें। इसे 1G प्रूनिंग कहते हैं। इसके बाद पौधे से कई नई शाखाएं निकलेंगी। जब वे शाखाएं बड़ी हों तो उन्हें भी आगे से थोड़ा काट दें। इस 3G प्रूनिंग तकनीक से पौधा झाड़ीदार बन जाता है और एक ही पौधे पर सैकड़ों मिर्च आती हैं।
धूप और पानी का सही तालमेल:
मिर्च के पौधे को हर दिन कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है। पानी देते समय इस बात का ध्यान रखें कि मिट्टी सूखी दिखने पर ही पानी दें। बहुत ज्यादा पानी देने से पौधे के फूल झड़ने लगते हैं और मिर्च नहीं बन पाती।
कीड़ों से बचाने का घरेलू उपाय:
मिर्च के पौधे पर अक्सर मरोड़िया रोग लीफ कर्ल वायरस या छोटे कीड़ों का हमला होता है। इससे बचने के लिए आप हर 15 दिन में नीम के तेल का स्प्रे कर सकते हैं। इसके अलावा छाछ मट्ठा में थोड़ा पानी मिलाकर पौधे पर छिड़कने से भी बीमारियां दूर रहती हैं और पौधा पूरी तरह केमिकल-फ्री रहता है। समय-समय पर पौधे की सूखी पत्तियों को हटाते रहें और जैसे ही मिर्च बड़ी हो जाए उसकी तुड़ाई कर लें। इससे पौधे पर नई मिर्च आने की रफ्तार बढ़ जाती है। - हेमलता शर्मा, जयपुर






