
कहीं प्यार के चक्कर में नजरअंदाज तो नहीं कर रहे ये Red Flags, रिश्ते में पड़ने से पहले खुद से पूछें ये सवाल
नए नए प्यार का एहसास किसी फिल्मी सपने जैसा होता है। शुरुआत में सब कुछ गुलाबी नजर आता है लेकिन अक्सर हम इसी दौरान उन छोटे छोटे संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं जो भविष्य में बड़े विवाद का कारण बनते हैं। किसी भी रिश्ते में भावनात्मक रूप से इन्वेस्ट करने से पहले यह समझना जरूरी है कि सामने वाला व्यक्ति आपके मानसिक सुकून के लिए सही है या नहीं।
क्या आप वाकई तैयार हैं या सिर्फ अकेले हैं। अक्सर लोग अकेलेपन को प्यार की जरूरत समझ लेते हैं। यदि आप सिर्फ इसलिए डेटिंग कर रहे हैं क्योंकि आपके पास खाली समय है या आपके दोस्त रिलेशनशिप में हैं तो रुकिए अपनी भावनात्मक रिक्तता को भरने के लिए किसी दूसरे का सहारा लेना न केवल गलत है बल्कि यह एक टॉक्सिक शुरुआत हो सकती है। खुद को समय दें अपनी हॉबी पर काम करें और जब आप मानसिक रूप से स्थिर हों तभी कदम आगे बढ़ाएं।
इन रेड फ्लैग्स को पहचानना है जरूरीः
Victim Card खेलना और जिम्मेदारी से भागनाः
अगर आपका पार्टनर अपनी हर पुरानी नाकामयाबी या ब्रेकअप के लिए सिर्फ सामने वाले को जिम्मेदार ठहराता है तो यह एक बड़ा चेतावनी संकेत है। जो व्यक्ति अपनी गलतियों से नहीं सीखता और हमेशा खुद को बेचारा दिखाता है वह भविष्य में आपकी भावनाओं के प्रति भी लापरवाह हो सकता है।
प्राइवेसी और कंट्रोल के बीच धुंधली रेखाः
शुरुआत में केयर लगने वाली चीजें धीरे-धीरे कंट्रोल में बदल जाती हैं। अगर कोई आपकी पसंद-नापसंद आपके दोस्तों से मिलने या आपके फोन चेक करने को लेकर ज्यादा पजेसिव है तो इसे प्यार न समझें। एक हेल्दी रिश्ते में पर्सनल स्पेस का होना अनिवार्य है।
Love Bombing का जालः
रिश्ते के पहले ही हफ्ते में बड़े-बड़े वादे करना हर वक्त साथ रहने की जिद करना या आपको दुनिया से काट देना लव बॉम्बिंग कहलाता है। यह अक्सर सामने वाले को मैनिपुलेट करने का एक तरीका होता है ताकि आप उनके अलावा कुछ और न सोच सकें।
दूसरों के प्रति व्यवहार The Waiter Test
वह आपसे कैसे बात करते हैं यह महत्वपूर्ण है। लेकिन वह एक वेटर ड्राइवर या किसी अनजान व्यक्ति से कैसे पेश आते हैं यह उनके वास्तविक चरित्र को दर्शाता है। अगर उनका व्यवहार दूसरों के प्रति अपमानजनक है तो यकीन मानिए एक दिन वह लहजा आपके लिए भी इस्तेमाल होगा।
कम्युनिकेशन गैप और Silent Treatment
असहमति होने पर चिल्लाना जितना बुरा है उतना ही बुरा है खामोश हो जाना। अगर पार्टनर बात सुलझाने के बजाय घंटों या दिनों तक आपसे बात करना बंद कर देता है तो यह इमोशनल टॉर्चर का एक रूप है।
रिश्ता वह है जहाँ आप सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें। अगर आपको अपनी बात रखने से पहले दस बार सोचना पड़ रहा है या आप डर के साये में जी रहे हैं तो समझ लीजिए कि वह रिश्ता आपकी ग्रोथ के लिए सही नहीं है। याद रखें किसी गलत इंसान के साथ रहने से कहीं बेहतर है अकेले रहकर खुद को निखारना।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
#ये बातें भूल कर भी न बताएं गर्लफ्रेंड को...






