
बगीचा महकेगा फूलों से: किचन के इन 4 सीक्रेट फॉर्मूलों से घर पर बनाएं जादुई लिक्विड फर्टिलाइजर
घर की बालकनी या आंगन में लगे पौधे जब मुरझाने लगते हैं तो अक्सर लोग बाजार की तरफ भागते हैं। महंगे और केमिकल वाले फर्टिलाइजर की जगह आपके किचन में ही कुछ ऐसे जादुई सीक्रेट्स छिपे हैं जो मरे हुए पौधे में भी जान डाल सकते हैं। किचन वेस्ट को कचरा समझकर फेंकने के बजाय अगर आप सही तरीके से इस्तेमाल करें तो यह पौधों के लिए अमृत बन जाता है। आइए जानते हैं उन खास तरीकों और सीक्रेट्स के बारे में जिससे आपका गार्डन हमेशा हरा-भरा रहेगा।
केले के छिलके का सीक्रेट बूस्टर:
केले के छिलके में भारी मात्रा में पोटैशियम होता है जो पौधों में कलियां और फल लाने के लिए सबसे जरूरी है। इसका असर दोगुना करने का सीक्रेट यह है कि छिलकों को पानी में भिगोते समय उसमें आधा चम्मच गुड़ मिला दें।
गुड़ पानी में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को तेजी से बढ़ाता है। तीन दिन बाद इस पानी को छान लें और इसमें थोड़ा सा सादा पानी मिलाकर पौधों की जड़ों में दें। इससे मोगरा और गुलाब जैसे पौधों में अनगिनत फूल आने लगेंगे।
सब्जियों के छिलके और दाल का पानी:
सब्जियों के छिलकों में आयरन, कैल्शियम और विटामिंस का भंडार होता है। इसके साथ ही जब आप घर में अरहर, मूंग या चने की दाल धोते हैं तो उस पानी को भी इसी में मिला दें। दाल के पानी में मौजूद प्रोटीन और नाइट्रोजन पौधों की पत्तियों को चमकदार और एकदम हरा-भरा बनाते हैं। इन दोनों के मिश्रण को दो दिन ढककर रखें और फिर छानकर पौधों में डाल दें। यह पौधों के लिए एक कम्प्लीट टॉनिक की तरह काम करता है।
चावल के पानी का अनसुना राज:
चावल धोने के बाद निकलने वाला सफेद पानी मिट्टी के दोस्त बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है। इसका एक बड़ा सीक्रेट यह है कि इस पानी को तुरंत डालने के बजाय एक दिन के लिए किसी छायादार जगह पर रख दें। इससे यह हल्का सा फर्मेंट हो जाता है। यह फर्मेंटेड पानी मिट्टी के पीएच लेवल को मेंटेन करता है और जड़ों को फंगस की बीमारी से भी बचाता है।
चायपत्ती के साथ दालचीनी का कॉम्बो:
चायपत्ती में नाइट्रोजन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो पौधों के विकास के लिए जरूरी है। इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को धोकर पानी में उबाल लें और ठंडा होने दें। अब इसमें एक चुटकी दालचीनी का पाउडर मिला दें। दालचीनी एक नेचुरल फंगसाइड है जो मिट्टी में कीड़े और फंगस लगने से रोकती है। यह कॉम्बिनेशन खास तौर पर मनी प्लांट और इनडोर प्लांट्स की ग्रोथ को रॉकेट की तरह बढ़ा देता है।
लिक्विड फर्टिलाइजर इस्तेमाल करने के जरूरी नियम:
इन घरेलू लिक्विड फर्टिलाइजर का इस्तेमाल हमेशा सुबह के समय या शाम को सूरज ढलने के बाद ही करना चाहिए। तेज धूप में इसे डालने से पौधों की जड़ें झुलस सकती हैं। इसके अलावा जब भी आप कोई लिक्विड खाद डालें तो ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी पहले से थोड़ी सूखी हो ताकि जड़ें इस पोषण को अच्छी तरह सोख सकें। महीने में सिर्फ दो बार इसका इस्तेमाल आपके पूरे बगीचे की कायापलट कर देगा।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
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