Vastu : मेन डोर वास्तु सुबह की एक छोटी सी आदत जो बदल सकती है आपकी किस्मत

Vastu : मेन डोर वास्तु सुबह की एक छोटी सी आदत जो बदल सकती है आपकी किस्मत

​क्या आप जानते हैं कि आपके घर का मुख्य दरवाजा सिर्फ आने जाने का रास्ता नहीं है बल्कि यह आपके घर का एनर्जी फिल्टर भी है। हिंदू परंपराओं और वास्तु शास्त्र में सुबह सुबह मुख्य द्वार पर पानी छिड़कने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। लेकिन क्या यह सिर्फ एक अंधविश्वास है या इसके पीछे कोई गहरा रहस्य है। आइए इसे बिल्कुल नए नजरिए से समझते हैं कि सुबह की यह दो मिनट की आदत आपके जीवन में कैसे सकारात्मक बदलाव ला सकती है। ​


मुख्य द्वार पर जल छिड़कने का लॉजिक और लाभ:

​वास्तु के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर नियमित रूप से सुबह जल छिड़कने के चार सबसे बड़े फायदे होते हैं। ​कॉस्मिक एनर्जी और देवी लक्ष्मी का स्वागत: शास्त्रों में माना गया है कि सुबह का समय ब्रह्म मुहूर्त ब्रह्मांडीय ऊर्जा से भरपूर होता है। इस समय सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जाएं भ्रमण पर होती हैं। जब आप अपने दरवाजे को साफ करके वहां पानी छिड़कते हैं तो यह एक पवित्र वातावरण बनाता है जो समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को आकर्षित करता है। ​

राहु के बुरे प्रभाव और गृह क्लेश से मुक्ति: 

ज्योतिष और वास्तु में मुख्य द्वार का संबंध राहु ग्रह से माना गया है। यदि मुख्य द्वार गंदा या अव्यवस्थित हो तो घर में अचानक परेशानियां और बेवजह के झगड़े होने लगते हैं। सुबह सुबह वहां साफ पानी डालने से राहु का नकारात्मक प्रभाव शांत होता है और घर में मानसिक शांति आती है। ​

पितरों पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता: 

ऐसी मान्यता है कि सुबह के समय हमारे पूर्वजों की आत्माएं मुख्य द्वार के माध्यम से हमें आशीर्वाद देने आती हैं। दरवाजे पर साफ जल अर्पित करना उनके प्रति सम्मान प्रकट करने जैसा है। पितरों की प्रसन्नता से परिवार में तरक्की और खुशहाली आती है। ​ 

ऑरा की शुद्धि: 
रात के समय घर के बाहर जो भी नकारात्मक ऊर्जा या मानसिक तनाव का माहौल इकट्ठा होता है पानी के छिड़काव से वह पूरी तरह नष्ट हो जाता है। यदि आप इस पानी में थोड़ा सा गंगाजल या गुलाब जल मिला लेते हैं तो घर का ऑरा एकदम शुद्ध और सुगन्धित हो जाता है।

​मुख्य द्वार को मैग्नेट बनाने के चार आसान उपाय:

​अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सिर्फ और सिर्फ खुशियां आएं तो पानी छिड़कने के साथ ये चार आसान काम भी अपनी दिनचर्या में शामिल करें। चौखट साफ करने के बाद कुमकुम या हल्दी से स्वास्तिक या शुभ लाभ बनाएं। यह घर के लिए एक सुरक्षा कवच प्रोटेक्टिव शील्ड की तरह काम करता है। ​ 

शाम का नियम: 

हर शाम ढलने के बाद मुख्य द्वार पर घी या सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाएं। यह अंधकार और नकारात्मकता को दूर रखता है। घर की देहरी थ्रेशोल्ड को साफ रखकर उसे प्रणाम करना वास्तु में बेहद शुभ माना गया है। यह आपको जमीन से जोड़े रखता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है। अपने दरवाजे के ठीक सामने जूते चप्पल का ढेर या डस्टबिन कभी न रखें। यह सकारात्मक ऊर्जा के रास्ते को ब्लॉक कर देता है और दरिद्रता लाता है। ​

वास्तु के ये उपाय कोई जादू टोना नहीं हैं बल्कि ये हमारे रहने के स्थान लिविंग स्पेस को स्वच्छ ऊर्जावान और अनुशासित बनाने का एक सुंदर तरीका हैं। इसे आज ही से आजमाएं और अपने घर की ऊर्जा में बदलाव खुद महसूस करें। 

-हेमलता शर्मा, जयपुर

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