
Vastu : कैसे पहचानें घर का वास्तु दोष? ये चीजें देती हैं संकेत
नई दिल्ली। घर ऐसी जगह है, जहां दिनभर की थकान के बाद मन को शांति मिलती है। वास्तु शास्त्र की मानें तो घर की बनावट, दिशा और अंदर रखी चीजों का हमारे जीवन पर गहरा असर पड़ता है। अगर घर सही दिशा और नियमों के अनुसार बना होगा, तो उसमें सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। अगर इसमें गड़बड़ी हो जाए, तो वही घर धीरे-धीरे परेशानियों का कारण भी बन सकता है। इसे वास्तु दोष कहा जाता है।
अक्सर लोग यह समझ नहीं पाते कि उनकी रोजमर्रा की दिक्कतों का संबंध घर से भी हो सकता है। जब बिना किसी वजह के घर के लोग बार-बार बीमार पड़ने लगें, दवाइयों पर खर्च बढ़ता जाए और ठीक होने के बाद भी कमजोरी बनी रहे, तो इसे सिर्फ संयोग मानकर टालना सही नहीं होता। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दिशा, रोशनी और हवा का असंतुलन स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।
खासतौर पर जब एक ही तरह की बीमारी बार-बार उभरकर सामने आए, तो यह घर की नकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है।
घर का माहौल अगर हमेशा तनाव से भरा रहे, छोटी-छोटी बातों पर झगड़े हों और बिना कारण गुस्सा बढ़ता जाए, तो यह भी एक चेतावनी हो सकती है। वास्तु में कहा गया है कि गलत दिशा में बने कमरे या अव्यवस्थित स्थान मन को अशांत करते हैं।
कई लोग देखते हैं कि घर में लगाए गए पौधे अचानक मुरझाने लगते हैं। पानी, धूप और देखभाल सब ठीक होने के बाद भी अगर पौधे बार-बार सूख जाएं, तो वास्तु शास्त्र इसे घर की ऊर्जा से जोड़कर देखता है। पौधों का स्वस्थ रहना घर में सकारात्मक माहौल का संकेत माना जाता है।
कामकाज में रुकावटें आना, मेहनत के बाद भी सफलता न मिलना और बार-बार असफलता का सामना करना भी कई बार घर के वातावरण से जुड़ा माना जाता है।
इसके अलावा, कुछ घरों में इलेक्ट्रॉनिक सामान बार-बार खराब हो जाता है। इससे न सिर्फ परेशानी बढ़ती है, बल्कि खर्च भी बढ़ता है। वास्तु शास्त्र में इसे असंतुलित ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। समाधान के तौर पर वास्तु शास्त्र कहता है कि सबसे पहले घर को साफ-सुथरा रखें। साथ ही अगर घर का निर्माण करा रहे हैं तो रोशनी और हवा आने की जगह का खास ख्याल रखें।
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