
रात में जलाएं फ्लैशलाइट और देखें जादू, गमले की मिट्टी से छूमंतर हो जाएंगे कीड़े
गमले में पौधे लगाने के बाद मिट्टी में छोटे कीड़े, चींटियां और सफ़ेद कीट पनपना एक बेहद आम समस्या है। कई बार पौधा ऊपर से हरा-भरा दिखता है लेकिन मिट्टी में छिपे ये कीट धीरे-धीरे जड़ों को खोखला कर देते हैं और पौधा अचानक मुरझा जाता है। रासायनिक दवाओं के इस्तेमाल से पौधे झुलस सकते हैं इसलिए प्राकृतिक और जैविक तरीकों से इनका इलाज करना सबसे सुरक्षित और टिकाऊ उपाय है।
रात में फ्लैशलाइट से करें कीटों की पहचान
अधिकांश हानिकारक कीट और रात में सक्रिय होने वाले कीड़े दिन के उजाले में मिट्टी के गहरे हिस्सों में छिपे रहते हैं और रात होते ही जड़ों को नुकसान पहुंचाने बाहर निकलते हैं। ऐसे में रात के समय टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट की मदद से गमले की जांच करें। फ्लैशलाइट की रोशनी में मिट्टी की सतह पर घूम रहे कीड़ों की सटीक स्थिति तुरंत दिखाई दे जाती है, जिससे उन्हें शुरुआती स्तर पर ही हटाकर पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
नीम और रसोई के मसालों का सुरक्षा कवच
कीटों से बचाव के लिए नीम की पत्तियों को बीस मिनट पानी में उबालकर ठंडा करें और छानकर हर हफ्ते मिट्टी पर हल्का स्प्रे करें। इसके अलावा, मिट्टी की ऊपरी परत पर चुटकी भर हल्दी पाउडर या दालचीनी पाउडर छिड़कने से फंगस और नन्हे कीड़ों का प्रकोप खत्म होता है। गमले की मिट्टी में दो मुट्ठी नीम खली मिलाने से पौधों को पोषण मिलने के साथ-साथ जड़ों की सुरक्षा भी होती है।
धूप से मिट्टी का प्राकृतिक शोधन
यदि गमले में कीड़ों का हमला बहुत अधिक बढ़ गया है, तो मिट्टी को निकालकर दो-तीन दिनों के लिए कड़क धूप में पतली परत बनाकर फैला दें। सूर्य की तेज गर्मी से मिट्टी में मौजूद कीड़े और उनके अंडे पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। इसके बाद मिट्टी को छानकर दोबारा गमले में इस्तेमाल करें जिससे पौधों को नई और स्वस्थ मिट्टी मिलती है।
लहसुन और जैविक घोल से तुरंत राहत
दस-बारह लहसुन की कलियों को पीसकर पानी में छह-सात घंटे भिगोएं और छानकर मिट्टी पर छिड़कें। लहसुन की तीखी गंध से कीट तुरंत दूर भागते हैं। पत्तियों पर चिपके सफ़ेद कीड़ों और एफ़िड्स के लिए एक लीटर पानी में दो चम्मच लिक्विड सोप मिलाकर स्प्रे करना भी बेहद असरदार साबित होता है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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