
घर की छोटी-सी जगह को बनाएं खूबसूरत गार्डन, इन आसान तरीकों से करें शुरुआत
गार्डनिंग सिर्फ पौधे लगाने का काम नहीं, बल्कि प्रकृति के करीब रहने का एक खूबसूरत तरीका भी है। घर में थोड़ी सी जगह हो तो वहां पौधे लगाकर वातावरण को हरा-भरा और आकर्षक बनाया जा सकता है। कई लोगों को गार्डनिंग का शौक तो होता है, लेकिन शुरुआत कैसे करें, यह समझ नहीं आता। कुछ लोग पौधे खरीद तो लेते हैं, लेकिन सही मिट्टी, पानी और रोशनी का ध्यान न रखने के कारण वे ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाते। अच्छी बात यह है कि गार्डनिंग सीखने के लिए बहुत बड़े बगीचे की जरूरत नहीं होती। बालकनी, छत, खिड़की के पास या घर के छोटे से कोने में भी पौधे लगाए जा सकते हैं। अगर आप पहली बार गार्डनिंग शुरू करने की सोच रहे हैं, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर पौधों को स्वस्थ और हरा-भरा रखा जा सकता है।
शुरुआत में कम पौधों से करें गार्डनिंग
गार्डनिंग शुरू करते समय एक साथ बहुत सारे पौधे खरीदने के बजाय कुछ आसान पौधों से शुरुआत करना बेहतर होता है। ऐसे पौधे चुनें जिनकी देखभाल आपकी दिनचर्या के अनुसार आसानी से हो सके। पौधा खरीदने से पहले यह जरूर जान लें कि उसे कितनी धूप, पानी और जगह की जरूरत है। अगर आपकी बालकनी में कम धूप आती है, तो धूप पसंद करने वाले पौधे वहां लगाने से बचें। इसी तरह बहुत ज्यादा पानी देने से भी कई पौधों की जड़ें खराब हो सकती हैं। शुरुआत में पौधों की जरूरत समझना ही सबसे जरूरी कदम है।
मिट्टी की गुणवत्ता पर दें खास ध्यान
पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए मिट्टी का सही होना बहुत जरूरी है। गमले में ऐसी मिट्टी इस्तेमाल करें जिसमें पानी आसानी से निकल सके और जड़ों को हवा मिलती रहे। मिट्टी बहुत ज्यादा कड़ी या पानी रोकने वाली होगी तो पौधे की जड़ों में सड़न की समस्या हो सकती है। जरूरत के अनुसार मिट्टी में जैविक खाद या कंपोस्ट मिलाया जा सकता है। समय-समय पर मिट्टी को हल्का ढीला करने से भी जड़ों तक हवा पहुंचने में मदद मिलती है। हर पौधे की मिट्टी की जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए उसी के अनुसार देखभाल करें।
पौधों को पानी देते समय न करें जल्दबाजी
गार्डनिंग में सबसे आम गलती जरूरत से ज्यादा पानी देना है। हर पौधे को रोज पानी देना जरूरी नहीं होता। पानी देने से पहले उंगली से मिट्टी की ऊपरी परत को हल्का जांच लें। अगर मिट्टी पहले से नम है, तो तुरंत पानी देने की जरूरत नहीं हो सकती। गमले में नीचे की तरफ पानी निकलने के लिए छेद जरूर होने चाहिए। सुबह या शाम के समय पानी देना कई पौधों के लिए सुविधाजनक रहता है। मौसम बदलने के साथ पौधों की पानी की जरूरत भी बदल सकती है, इसलिए एक ही रूटीन हर मौसम में न अपनाएं।
धूप और हवा का रखें संतुलन
पौधों के लिए सही मात्रा में रोशनी बेहद जरूरी है, लेकिन हर पौधे को एक जैसी धूप की जरूरत नहीं होती। कुछ पौधे तेज रोशनी पसंद करते हैं, जबकि कुछ अप्रत्यक्ष रोशनी में बेहतर बढ़ते हैं। इसलिए पौधे को रखने से पहले उसकी जरूरत समझें। बालकनी या छत पर पौधे रखते समय तेज गर्मी में संवेदनशील पौधों को जरूरत से ज्यादा धूप से बचाया जा सकता है। घर के अंदर रखे पौधों को भी पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा मिलनी चाहिए।
सूखी पत्तियों और खराब हिस्सों को हटाते रहें
पौधों की नियमित देखभाल करने से वे ज्यादा स्वस्थ और सुंदर नजर आते हैं। सूखी या पीली पत्तियों को समय-समय पर हटाते रहें और पौधे की शाखाओं पर नजर रखें। पत्तियों पर धूल जम गई हो तो उन्हें हल्के हाथ से साफ किया जा सकता है। पौधे में कीड़े या किसी बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो उसे दूसरे पौधों से थोड़ा अलग रखें और समस्या की सही पहचान के बाद उचित उपचार करें। गार्डनिंग में सबसे जरूरी चीज धैर्य है। हर पौधा अपनी गति से बढ़ता है, इसलिए नियमित देखभाल, सही रोशनी, पानी और अच्छी मिट्टी के साथ उसे समय दें।
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