मुंह के छालों के लिए अपनाएं ये आसान उपाय; जलन, दर्द और खाने में परेशानी से मिलेगी राहत

मुंह के छालों के लिए अपनाएं ये आसान उपाय; जलन, दर्द और खाने में परेशानी से मिलेगी राहत

हैल्थ डेस्क। जयपुर 

मुंह में होने वाले छाले छोटे जरूर होते हैं लेकिन इनकी वजह से होने वाली परेशानी काफी ज्यादा हो सकती है। ये खाने, बोलने और पानी पीने में भी दर्द पैदा करते हैं। आमतौर पर ये छाले कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन इस दौरान दर्द और जलन को कम करने के लिए लोग कई घरेलू उपाय अपनाते हैं। इन उपायों में इस्तेमाल होने वाली चीजों में कुछ ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो मुंह की सूजन, जलन और संक्रमण को कम करने में मदद कर सकते हैं। 

जयपुर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. एन. सी. पंवार बताते हैं कि मुंह के छाले कई कारणों से हो सकते हैं। शरीर में विटामिन बी 12, आयरन या फोलिक एसिड की कमी, तनाव, हार्मोन में बदलाव, मुंह में चोट लगना या शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम होना इसके पीछे वजह हो सकती है। हालांकि घरेलू उपाय छाले की परेशानी को कम कर सकते हैं, लेकिन अगर छाले लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है। 

डॉ. पंवार बताते हैं कि मुंह के छालों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला उपाय नमक के पानी से कुल्ला करना है। नमक में मौजूद सोडियम क्लोराइड शरीर के लिए एक सामान्य तत्व है। जब नमक पानी में घुलकर कुल्ले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो यह मुंह में मौजूद अतिरिक्त बैक्टीरिया की संख्या को कम करने में मदद करता है। नमक में एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव होता है। यह हानिकारक सूक्ष्म जीवों को बढ़ने से रोकता है। इसके अलावा नमक वाला पानी छाले वाली जगह से गंदगी हटाने और सूजन कम करने में मदद करता है। 

डॉ. एन. सी. पंवार के अनुसार शहद भी छालों में राहत देने वाला एक पुराना उपाय है। शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया को कम कर सूजन को खत्म करने में मदद करता है। शहद में मौजूद प्राकृतिक शर्करा और अन्य तत्व छाले वाली जगह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाते हैं, जिससे बाहरी जलन कम महसूस होती है। इसके अलावा शहद में पाए जाने वाले कुछ एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। 

डॉ. एन. सी. पंवार के अनुसार नारियल तेल में मौजूद लॉरिक एसिड इसका एक महत्वपूर्ण गुण माना जाता है। लॉरिक एसिड बैक्टीरिया और सूजन से लड़ता हैं। जब नारियल तेल छाले वाली जगह पर लगाया जाता है, तो यह उस हिस्से को नम बनाए रखने में मदद करता है। मुंह की सूखी त्वचा में जलन ज्यादा महसूस होती है, इसलिए नमी बनाए रखने से दर्द कम होता है। हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए अगर किसी को तेल लगाने से परेशानी बढ़े तो इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 

डॉ. एन. सी. पंवार के अनुसार बेकिंग सोडा भी कुछ लोग मुंह के छालों में इस्तेमाल करते हैं। इसमें मौजूद सोडियम बाइकार्बोनेट मुंह के अम्लीय स्तर को संतुलित करने में मदद करता है। कई बार ज्यादा अम्लीय वातावरण में जलन और दर्द बढ़ सकता है। बेकिंग सोडा पानी में मिलाने से मुंह का पीएच स्तर सामान्य रहता है, जिससे छाले वाली जगह पर जलन कम महसूस होती है। 

डॉ. एन. सी. पंवार के अनुसार ठंडी चीजें जैसे बर्फ या ठंडा पानी भी दर्द कम करने में मदद करते हैं। ठंडक से कुछ समय के लिए उस जगह की नसों की संवेदनशीलता कम हो जाती है, जिससे दर्द का एहसास कम होता है। हालांकि बर्फ को सीधे लंबे समय तक छाले पर नहीं रखना चाहिए। अगर छाले दो हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक न हों तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।


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