
पीरियड्स के वो 5 दिन अब नहीं रहेंगे भारी : किचन की इन चीज़ों में छिपा है दर्द का परमानेंट इलाज
मासिक धर्म यानी पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द कई बार इतना असहनीय हो जाता है कि रूटीन के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। अक्सर महिलाएं इसके लिए पेनकिलर्स का सहारा लेती हैं, लेकिन हमारे आयुर्वेद और किचन में ही कुछ ऐसे जादुई उपाय छिपे हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के इस दर्द को जड़ से कम कर सकते हैं।
सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अनुपमा गंगवाल के अनुसार लाइफस्टाइल और खान-पान में छोटे बदलाव करके इस दर्द से निपटा जा सकता है। आइये जानते हैं कैसे-
दादी-नानी के ये नुस्खे हैं सबसे कारगरः
सिर्फ दर्द के समय ही नहीं, बल्कि पूरे साल इन चीज़ों का सेवन आपको अंदरूनी मजबूती देता है:
अदरक और शहद:
सुबह गुनगुने पानी में अदरक का रस और शहद मिलाकर पिएं। यह सूजन को कम करता है।
मेथी का जादू:
रात भर भिगोए हुए मेथी के दानों को सुबह खाली पेट खाने से हार्मोनल बैलेंस बना रहता है।
दालचीनी और सौंफ:
पीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले इनकी चाय पीने से पेट की ऐंठन और गैस में राहत मिलती है।
हल्दी वाला दूध:
रात को एक चुटकी हल्दी वाला दूध मांसपेशियों की जकड़न को कम करता है।
इंस्टेंट राहत के लिए क्विक टिप्स
ः जब दर्द तेज़ हो तब ये तरीके अपनाएं
हीटिंग पैड:
निचले पेट की सिकाई करने से गर्भाशय की मांसपेशियों को तुरंत आराम मिलता है।
अजवाइन का पानी:
पेट की गैस और मरोड़ के लिए आधा चम्मच अजवाइन को पानी में उबालकर पीना फायदेमंद है।
हर्बल टी:
कैमोमाइल टी शरीर को रिलैक्स करती है और तनाव घटाती है।
क्या खाएं और किससे बचेंः
इनसे बनाएं दूरी:
पीरियड्स के दौरान कैफीन कॉफीचाय ज्यादा नमक और तला-भुना खाना बिल्कुल न खाएं। ये शरीर में सूजन और भारीपन बढ़ाते हैं।
इन्हें डाइट में जोड़ें:
हरी सब्जियां, आयरन से भरपूर फल और दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। तिल और गुड़ का सेवन कमजोरी दूर करने के लिए बेस्ट है।
कब जाना चाहिए डॉक्टर के पासः
अगर दर्द हद से ज्यादा हो, ब्लीडिंग बहुत अधिक हो, चक्कर आएं या यह समस्या कई दिनों तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है ऐसे में तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
- हेमलता शर्मा, जयपुर
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