
बिना बताए टॉक्सिक लोगों से इस तरह बनाएं दूरी, कानों कान नहीं होगी खबर
हर इंसान चाहता है कि उसके आसपास ऐसे लोग हों, जो उसका सम्मान करें, मुश्किल समय में साथ दें और सकारात्मक माहौल बनाए रखें। लेकिन कई बार हमारी जिंदगी में कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जो हर बात पर आलोचना करते हैं, बेवजह तनाव बढ़ाते हैं या भावनात्मक रूप से थका देते हैं। ऐसे व्यवहार को अक्सर टॉक्सिक माना जाता है। ऐसे लोगों से दूरी बनाना हमेशा आसान नहीं होता, खासकर जब वे परिवार, दोस्त या सहकर्मी हों। हालांकि, बिना किसी विवाद या रिश्ते को खराब किए भी धीरे-धीरे स्वस्थ सीमाएं तय की जा सकती हैं।
अपनी पर्सनल बाउंड्री तय करना सीखें
अगर कोई व्यक्ति बार-बार आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करता है या हर समय नकारात्मकता फैलाता है, तो सबसे पहले अपनी सीमाएं तय करना जरूरी है। हर बात पर तुरंत जवाब देना या हर समय उपलब्ध रहना आवश्यक नहीं है। विनम्रता के साथ यह तय करें कि आप किन बातों में शामिल होना चाहते हैं और किनसे दूरी रखना बेहतर है। स्वस्थ रिश्तों में एक-दूसरे की सीमाओं का सम्मान किया जाता है, इसलिए अपनी मानसिक शांति के लिए बाउंड्री बनाना गलत नहीं माना जाता।
धीरे-धीरे कम करें बातचीत और मुलाकातें
अगर किसी व्यक्ति से दूरी बनानी है, तो अचानक रिश्ता खत्म करने के बजाय धीरे-धीरे बातचीत और मुलाकातों की संख्या कम करना बेहतर तरीका हो सकता है। गैर-जरूरी कॉल, मैसेज या मुलाकातों से बचें और अपना समय उन लोगों के साथ बिताएं, जो आपको सकारात्मक महसूस कराते हैं। ऐसा करने से सामने वाले को भी धीरे-धीरे बदलाव का एहसास होगा और अनावश्यक टकराव की संभावना कम रहेगी।
हर बात को दिल पर लेने से बचें
टॉक्सिक व्यवहार करने वाले लोग अक्सर ऐसी बातें कह सकते हैं, जिनसे सामने वाला आहत हो जाए। ऐसे में हर टिप्पणी या आलोचना को अपने आत्मसम्मान से जोड़कर देखने के बजाय शांत रहने की कोशिश करें। हर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं होता। कई बार अनावश्यक बहस से बचना और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कामों में लगाना अधिक समझदारी भरा कदम होता है। इससे आपका मानसिक तनाव भी कम रहेगा।
अपने मानसिक स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता
अगर किसी रिश्ते की वजह से लगातार तनाव, चिंता या भावनात्मक थकान महसूस हो रही है, तो अपनी भलाई को प्राथमिकता दें। ऐसे लोगों के साथ समय बिताएं जो आपका सम्मान करते हों और आपको प्रोत्साहित करते हों। अपने शौक, परिवार और अच्छे दोस्तों के साथ समय बिताने से भी मानसिक संतुलन बेहतर रहता है। यदि किसी रिश्ते का नकारात्मक असर लंबे समय तक आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति या योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना मददगार हो सकता है। याद रखें, स्वस्थ रिश्ते वही होते हैं जिनमें सम्मान, भरोसा और भावनात्मक सुरक्षा महसूस हो।
#पहने हों कछुआ अंगूठी तो नहीं होगी पैसों की तंगी...






