
बच्चों की आंखों को धुंधलेपन से बचाएंगे ये आसान उपाय जानिए पीडियाट्रिशियन की सलाह
आजकल की डिजिटल दुनिया में कम उम्र के बच्चों में चश्मा लगना एक आम समस्या बन चुकी है। मोबाइल फोन टैबलेट और टीवी का बढ़ता उपयोग बच्चों की दृष्टि पर बुरा असर डाल रहा है। हालांकि दैनिक जीवन में कुछ साधारण और सही आदतों को शामिल करके बच्चों की आंखों को सेहतमंद रखा जा सकता है। पीडियाट्रिशियन डॉक्टर अभिषेक जैन ने बच्चों की दृष्टि को सुरक्षित रखने के लिए पांच प्रमुख बातें बताई हैं।
पहली बात यह है कि बच्चों को हर दिन कम से कम एक से दो घंटे बाहर धूप और प्राकृतिक रोशनी में खेलने देना चाहिए। प्राकृतिक रोशनी आंखों के सही विकास में मदद करती है और मायोपिया यानी निकट दृष्टि दोष का खतरा कम करती है।
दूसरी बात, बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित रखना बहुत जरूरी है। पढ़ाई के अलावा बेवजह स्क्रीन देखने की आदत बच्चों की आंखों पर अत्यधिक दबाव डालती है।
तीसरी बात लगातार पढ़ाई या स्क्रीन देखते समय आंखों को आराम देने के लिए 20-20-20 के नियम का पालन करवाएं। इस नियम के अनुसार हर 20 मिनट के बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को देखना चाहिए।
चौथी बात बच्चों को हमेशा सही दूरी से पढ़ने और स्क्रीन देखने की आदत डालनी चाहिए। साथ ही पढ़ाई के स्थान पर पर्याप्त रोशनी का होना भी अनिवार्य है।
पांचवीं बात, अगर बच्चा बार-बार आंखें सिकोड़कर देखता है टीवी के बहुत पास बैठता है या अक्सर सिरदर्द की शिकायत करता है तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह आंखों में समस्या के शुरुआती संकेत हो सकते हैं इसलिए ऐसी स्थिति में तुरंत आंखों के डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
हेमलता शर्मा जयपुर
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