
रसोई की ये 2 रोटियां बदल सकती हैं आपकी किस्मत, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र
हम रोज रसोई में खाना बनाते हैं लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे घर की बरकत रुक जाती है। वास्तु शास्त्र और हमारी पुरानी मान्यताओं के अनुसार रसोई सिर्फ पेट भरने की जगह नहीं है बल्कि यह घर में सुख-समृद्धि लाने का सबसे बड़ा जरिया है। खासकर रोटी बनाते समय की गई एक छोटी सी लापरवाही भी घर में पैसों की तंगी ला सकती है।
अगर आप चाहते हैं कि घर में हमेशा मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद बना रहे तो रोटी से जुड़े इन 4 आसान नियमों को जरूर नोट कर लें:
पहली रोटी गाय के नाम:
तवे पर जब भी पहली रोटी सिके उसे अलग निकाल लें। शास्त्रों के अनुसार पहली रोटी हमेशा गाय की होती है। गाय में सभी देवी-देवताओं का वास माना गया है, इसलिए उन्हें रोटी खिलाने से घर के सारे दुख और दरिद्रता दूर होती है।
आखिरी रोटी कुत्ते के लिए:
खाना बनाते समय जो सबसे आखिरी रोटी बचती है वह कुत्ते के लिए होती है। इस रोटी पर थोड़ा सा तेल या घी लगाकर कुत्ते को खिलाने से कुंडली के राहु-केतु और शनि दोष शांत होते हैं, जिससे घर पर आने वाले संकट टल जाते हैं।
गिनकर रोटियां बनाना बंद करें:
कुछ घरों में परिवार के सदस्यों के हिसाब से नाप-तौल कर ठीक उतनी ही रोटियां बनाई जाती हैं। वास्तु के मुताबिक यह गलत है। रोटियां कभी भी गिनकर नहीं बनानी चाहिए इससे घर में बरकत कम होती है।
मेहमानों का रखें ध्यान:
हमारे यहाँ मेहमान को भगवान का रूप माना जाता है। इसलिए हमेशा घर के सदस्यों की जरूरत से 2-3 रोटियां ज्यादा ही सेकनी चाहिए ताकि कोई अचानक आ जाए तो उसे सम्मान से भोजन कराया जा सके। रसोई में किए गए ये छोटे-छोटे बदलाव आपकी रसोई को सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं और घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होने देते।
- हेमलता शर्मा, जयपुर
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