
भाग्य का द्वार खोलेंगे वास्तु के ये 15 महाउपाय दूर होगी हर नकारात्मक ऊर्जा
घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ता है और यह परिवार के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य तथा वित्तीय स्थिति पर असर डाल सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के पांचों तत्वों के बीच संतुलन बनाकर इस असंतुलन को आसानी से दूर किया जा सकता है। अपने निवास स्थान में सकारात्मकता लाने के लिए कुछ बेहद सरल और प्रभावी बदलाव किए जा सकते हैं। सबसे पहले घर के मुख्य द्वार की नियमित सफाई करें और वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें। मुख्य प्रवेश द्वार पर पीतल या तांबे का स्वास्तिक चिन्ह लगाने से नकारात्मक शक्तियां घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाती हैं। इसके अलावा हफ्ते में एक बार पोछा लगाने के पानी में समुद्री नमक मिलाकर सफाई करने से वातावरण की अवांछित ऊर्जा समाप्त हो जाती है। घर के उत्तर-पूर्व कोने को हमेशा साफ और हल्का रखना चाहिए क्योंकि यह दिशा बहुत संवेदनशील होती है । इस स्थान पर छोटा जलप्रपात या जल पात्र रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। रसोई या बाथरूम में टपकते हुए नलों को तुरंत ठीक करवाएं क्योंकि पानी का रिसाव धन और मानसिक शांति के नुकसान का प्रतीक माना जाता है। घर में ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी के लिए खिड़कियों को रोज सुबह कुछ समय के लिए जरूर खोलें बासी हवा से भी घर में भारीपन बढ़ता है। कमरे के कोनों में और ब्रह्मस्थान यानी घर के मध्य भाग में कांच के बर्तन में पानी भरकर उसमें एक ताजा नींबू रखें। यह उपाय आसपास की नकारात्मकता और बुरी नजर को सोख लेता है। हर शनिवार को इसका पानी बदल देना चाहिए। घर के वातावरण को शुद्ध करने के लिए रोज शाम को कपूर चंदन या लोबान का धुआं पूरे घर में फैलाएं लोबान और गुग्गल का धुआं वर्षों से जमा तनाव और मानसिक बोझ को खत्म करता है, इसके साथ ही सुबह के समय पीतल की घंटी या विंड चाइम बजाने से स्थिर ऊर्जा टूटती है। घर के अंदर तुलसी स्नेक प्लांट मनी प्लांट और एलोवेरा जैसे पौधे लगाएं और कांटेदार पौधों को घर से बाहर ही रखें। बंद पड़ी घड़ियां और टूटा हुआ फर्नीचर घर में प्रगति को रोकते हैं इसलिए इन्हें तुरंत घर से हटा दें इन आसान वास्तु नियमों को अपनाकर आप अपने घर में खुशहाली शांति और समृद्धि का वातावरण निर्मित कर सकते हैं। हेमलता शर्मा जयपुर
#गर्लफ्रैंड बनने के बाद लडकियों में आते हैं ये 10 बदलाव






