
मन को शांत और गुस्से को कम करता है सफेद मोती जानिए इसे पहनने का सही तरीका और फायदे
ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का बड़ा महत्व है और इनमें मोती को सबसे ठंडा और शांत रत्न माना जाता है। मोती का सीधा संबंध चंद्रमा से होता है। जिस तरह चंद्रमा रात में शीतलता देता है उसी तरह मोती इंसान के मन और दिमाग को शांत रखने का काम करता है।
किसे पहनना चाहिए मोती:
ज्योतिष के अनुसार मेष कर्क वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए मोती पहनना बहुत अच्छा रहता है। अगर किसी व्यक्ति को बहुत जल्दी गुस्सा आता है या छोटी छोटी बातों पर घबराहट होने लगती है तो उनके लिए मोती किसी दवा की तरह काम करता है। जिन लोगों का मन एक जगह नहीं टिकता या जो हमेशा तनाव में रहते हैं उन्हें भी मोती पहनने की सलाह दी जाती है।
मोती पहनने के बड़े फायदे:
मानसिक मजबूती:
इसे पहनने से इंसान की सोचने समझने की शक्ति बढ़ती है और मन इधर उधर नहीं भटकता।
नींद की समस्या:
जिन लोगों को रात में ठीक से नींद नहीं आती या बुरे सपने आते हैं उनके लिए मोती काफी असरदार साबित होता है।
रिश्तों में सुधार:
चंद्रमा प्रेम और भावनाओं का प्रतीक है इसलिए मोती पहनने से परिवार और जीवनसाथी के साथ रिश्तों में मधुरता आती है।
ब्लड प्रेशर:
स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो मोती पहनने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है।
पहनने का सही तरीका:
मोती को हमेशा चांदी की अंगूठी में ही पहनना चाहिए क्योंकि चांदी भी चंद्रमा की धातु है। इसे सोमवार के दिन सुबह के समय पहनना सबसे अच्छा होता है। पहनने से पहले इसे गंगाजल या कच्चे दूध से धोकर साफ कर लेना चाहिए। इसे हाथ की सबसे छोटी उंगली में पहनना चाहिए जिसे कनिष्ठा उंगली कहते हैं।
कुछ जरूरी सावधानियां:
हर किसी को बिना सलाह के मोती नहीं पहनना चाहिए। अगर किसी की कुंडली में चंद्रमा पहले से ही बहुत ज्यादा प्रभावशाली है तो मोती पहनने से वह इंसान जरूरत से ज्यादा इमोशनल या भावुक हो सकता है। साथ ही मोती के साथ कभी भी गोमेद या लहसुनियां रत्न नहीं पहनना चाहिए क्योंकि इससे फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। मोती हमेशा असली और लैब से प्रमाणित ही खरीदें क्योंकि प्लास्टिक या कांच के बने मोती से कोई लाभ नहीं मिलता।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
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