नए ज़माने में लौट आई पुरानी झांझर अब और भी ट्रेंडी और फैशनेबल है गुजराती पायलों का जलवा

नए ज़माने में लौट आई पुरानी झांझर अब और भी ट्रेंडी और फैशनेबल है गुजराती पायलों का जलवा

कभी दादी-नानी के बक्से की शान रही झांझर भारी घुंघरू वाली पायल एक बार फिर लौट आई है लेकिन एक नए अवतार में भारतीय फ़ैशन की दुनिया में अब ये पायलों की खनक सिर्फ शादी-ब्याह तक सीमित नहीं रही बल्कि कॉलेज जाने वाली युवतियों और ऑफिस जाने वाली महिलाओं के बीच भी यह काफ़ी लोकप्रिय हो रही है खासकर ट्रेडिशनल गुजराती डिज़ाइन्स में इनका ट्रेंड काफ़ी तेजी से बढ़ रहा है।

परंपरा और आधुनिकता का संगम
आज की महिलाएं सिर्फ दिखने में ही नहीं बल्कि पहनने में भी आरामदायक चीजें पसंद करती हैं यही कारण है कि नए डिज़ाइन की गुजराती पायलों में परंपरा और आधुनिकता का एक बेहतरीन संगम देखने को मिल रहा है। डिज़ाइनर्स अब भारी पायलों के साथ-साथ स्लीक पतली और एलिगेंट पायलों के भी ऑप्शन दे रहे हैं जिन्हें ऑक्सीडाइज़्ड सिल्वर और रंगीन मीनाकारी से सजाया जा रहा है ये नए डिज़ाइन इतने हल्के और क्लासी हैं कि इन्हें जींस कुर्ते या फिर शॉर्ट्स के साथ भी कैरी किया जा सकता है।

वेस्टर्न ड्रेसेस के साथ भी बढ़ रही डिमांड
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पायलों का क्रेज़ सिर्फ ट्रेडिशनल आउटफिट्स तक ही सीमित नहीं है इन्हें अब वेस्टर्न ड्रेसेस के साथ भी पेयर किया जा रहा है एक पतली चांदी की पायल को स्नीकर्स या हील्स के साथ पहनना एक नया स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है जो आपको भीड़ से अलग दिखाता है।

झांझर के डिजाइन्स और उनकी खासियत

​गुजराती झांझर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कारीगरी है। आमतौर पर ये पायलें शुद्ध चांदी से बनाई जाती हैं और इनमें छोटे-छोटे घुंघरू इस तरह पिरोए जाते हैं कि चलते समय एक संगीत जैसी ध्वनि उत्पन्न होती है।

पारंपरिक घुंघरू वाली झांझर
 इस डिजाइन में चांदी की एक मोटी चेन होती है जिस पर घने घुंघरू लगे होते हैं। इसे खास तौर पर त्योहारों और विवाह समारोहों के लिए पसंद किया जाता है।
ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर झांझर
आजकल की युवतियों के बीच एंटीक लुक वाली झांझर काफी लोकप्रिय हो रही है यह दिखने में थोड़ी काली और पुरानी स्टाइल की लगती है जो इंडो-वेस्टर्न कपड़ों के साथ बहुत ही आकर्षक लगती है।

​मीनाकारी वर्क
 कुछ आधुनिक डिजाइन्स में चांदी पर रंगीन मीनाकारी का काम भी देखा जा रहा है लाल हरे और नीले रंगों का प्रयोग इन पायलों को और भी जीवंत बना देता है।

​बारीक नक्काशी
 गुजराती झांझर में अक्सर मोर फूल और बेल-बूटों की बारीक नक्काशी की जाती है जो गुजरात की लोक कला को दर्शाती है।

​हर अवसर के लिए है परफेक्ट
​चाहे घर में कोई छोटा सा मांगलिक कार्यक्रम हो या शादी जैसा बड़ा उत्सव गुजराती झांझर हर पहनावे में चार चांद लगा देती है साड़ी और लहंगा-चोली के साथ तो यह पारंपरिक लुक को पूरा करती ही है लेकिन आजकल इसे जींस और कुर्तियों के साथ भी एक फ्यूजन लुक देने के लिए पहना जा रहा है।
​खास तौर पर बेटियों के लिए यह एक यादगार उपहार हो सकता है माता-पिता अपनी लाडली के लिए ऐसी झांझर का चुनाव कर रहे हैं जो न केवल दिखने में सुंदर हो बल्कि पहनने में आरामदायक भी हो बाजार में अब ऐसी लाइट-वेट कम वजन वाली झांझर भी उपलब्ध हैं जिन्हें रोजाना भी पहना जा सकता है।

​बाजार में बढ़ती मांग

​आभूषण विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल शादियों के सीजन में गुजराती झांझर की मांग में भारी उछाल आया है लोग अब मशीनी गहनों की तुलना में हाथ से बनी हैंडक्राफ्टेड झांझर को अधिक महत्व दे रहे हैं यह न केवल स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देता है बल्कि हमारी प्राचीन कला को भी जीवित रखता है यदि आप भी अपने संग्रह में कुछ खास और पारंपरिक जोड़ना चाहते हैं तो एक शानदार गुजराती झांझर से बेहतर कुछ नहीं हो सकता इसकी खनक न केवल आपके कदमों को संगीत देगी बल्कि आपकी शख्सियत में एक राजसी चमक भी भर देगी।

हेमलता शर्मा जयपुर

#आलिया भट्ट की कातिल अंदाज देखकर दंग रहे जाऐंगे आप



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