
घर का नेचुरल एयर प्यूरीफायर और स्ट्रेस बस्टर है स्पाइडर प्लांट जानें इसे सूखने से बचाने के अनोखे तरीके
घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ हवा को शुद्ध करने के लिए स्पाइडर प्लांट आज हर आधुनिक घर की पहली पसंद बन चुका है। नासा की एक मशहूर रिसर्च के मुताबिक यह पौधा घर के अंदर मौजूद हानिकारक टॉक्सिन्स जैसे फॉर्मलाडेहाइड और कार्बन मोनोऑक्साइड को सोखकर हवा को साफ करता है। केवल यही नहीं मेडिकल साइंस के अनुसार घर में स्पाइडर प्लांट रखने से मानसिक तनाव कम होता है मूड बेहतर होता है और काम में एकाग्रता बढ़ती है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मल्टी-टास्किंग पौधा अपनी सेहत खराब होने पर आपको खुद ही अलर्ट करने लगता है अगर आप इसके इन इशारों को सही समय पर समझ लें तो इसे मरने से बचा सकते हैं।
पत्तियों का ढीला पड़ना और झुकना पहला अलर्ट
जब इस पौधे को अपनी जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिलता तो इसकी लंबी और खूबसूरत हरी पत्तियां नीचे की तरफ झुकने लगती हैं और ढीली पड़ जाती हैं। यह पौधे का पहला साफ इशारा होता है कि उसे तुरंत पानी की जरूरत है।
रंग का फीका होना और किनारों का सूखना
पानी की कमी होने पर पत्तियों का चमकदार हरा रंग गायब होने लगता है और वे हल्की पीली या बेजान दिखने लगती हैं। इसके अलावा पत्तियों के आगे के नुकीले हिस्से और किनारे सूखकर भूरे होने लगते हैं।
मिट्टी का सूखापन और बच्चों की कमी
अगर गमले की ऊपर की एक से दो इंच तक की मिट्टी छूने पर पूरी तरह सूखी और हल्की महसूस हो तो समझ जाएं कि पौधा प्यासा है। खासतौर पर गर्मियों के मौसम में मिट्टी बहुत तेजी से सूखती है। पानी की कमी का असर इसके विकास पर भी पड़ता है जिससे पौधे में नए छोटे बेबी प्लांट्स जिन्हें स्पाइडरएट्स कहा जाता है बनने की रफ्तार बेहद धीमी हो जाती है।
जादुई रिकवरी और आसान देखभाल
इस पौधे की सबसे जादुई बात यह है कि पानी मिलते ही यह बहुत तेजी से खुद को संभाल लेता है। पानी देने के कुछ ही घंटों के भीतर इसकी पत्तियां फिर से खिली-खिली ताजा और बिल्कुल सीधी हो जाती हैं। इसलिए समय पर इसकी मिट्टी की जांच करना और इसे जरूरत के अनुसार पानी देना ही इसे सालों-साल हरा-भरा और स्वस्थ रखने का सबसे बेहतरीन और आसान तरीका है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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