दिल तो हरदम मचलता है जी

दिल तो हरदम मचलता है जी

कहते हैं इंसान के विचार समुद्र की लहरों की तरह होते हैं। वे हरदम मचलने को तैयार रहते हैं। वहीं उस की भवनाओं की कोई थाह नहीं होती और भावनाएं ही उसे अपनों से जोडे रखती हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि भावनात्मक रिश्ता सिर्फ अपनों से ही हो। वह किसी से भी हो सकता है।


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