Sweet Recipe: कुछ मीठा खाने का हो रहा है मन? घर पर बनाएं स्वादिष्ट चंद्रकला मिठाई

Sweet Recipe: कुछ मीठा खाने का हो रहा है मन? घर पर बनाएं स्वादिष्ट चंद्रकला मिठाई

त्योहार हो या घर में अचानक कुछ मीठा खाने का मन करे, चंद्रकला एक ऐसी पारंपरिक मिठाई है जो स्वाद के साथ देखने में भी बेहद खास लगती है। बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से स्वादिष्ट भरावन वाली यह मिठाई घर पर भी आसानी से तैयार की जा सकती है। चंद्रकला को बनाने के लिए मैदे की लोई में मावे और ड्राई फ्रूट्स की भरावन रखी जाती है। इसे अच्छी तरह बंद करके घी या तेल में सुनहरा होने तक तला जाता है और फिर चाशनी में डुबोया जाता है। हालांकि इसे बनाने में थोड़ी मेहनत जरूर लगती है, लेकिन एक बार सही तरीके से बनाने के बाद इसका स्वाद बाजार की मिठाई से कम नहीं लगेगा। अगर घर में मेहमान आने वाले हैं या परिवार के लिए कुछ खास बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।



सबसे पहले तैयार करें चंद्रकला की भरावन



भरावन के लिए मावा लें और उसे हल्की आंच पर कड़ाही में भूनें। मावे में नमी कम होने और हल्की खुशबू आने तक इसे लगातार चलाते रहें। अब इसमें बारीक कटे काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश मिला सकते हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची पाउडर और अपनी पसंद के अनुसार थोड़ी चीनी या बूरा डालें। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। भरावन पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही इसे मैदे की लोई में भरें, वरना लोई नरम होकर फट सकती है।




 मैदे से तैयार करें नरम लोई



एक बर्तन में मैदा लें और उसमें थोड़ा घी डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब धीरे-धीरे पानी डालते हुए थोड़ा सख्त लेकिन चिकना आटा गूंथें। आटे को कुछ देर ढककर रख दें, ताकि वह सेट हो जाए। इसके बाद छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें पूरी की तरह बेल लें। एक बेली हुई पूरी पर तैयार मावे की थोड़ी भरावन रखें और ऊपर से दूसरी पूरी रखकर किनारों को अच्छी तरह दबाएं। चंद्रकला की खास पहचान उसके किनारों की डिजाइन होती है, इसलिए किनारों को उंगलियों से मोड़कर या कांटे की मदद से दबाकर सुंदर आकार दिया जा सकता है।



धीमी आंच पर तलें चंद्रकला



कड़ाही में घी या तेल गर्म करें, लेकिन इसे बहुत तेज गर्म न करें। चंद्रकला को मध्यम से धीमी आंच पर तलना बेहतर रहता है, ताकि बाहर से जल्दी सुनहरी होने के बजाय अंदर तक अच्छी तरह पक सके। मिठाई को धीरे-धीरे पलटते रहें और दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक तलें। आंच बहुत तेज होने पर बाहरी परत जल्दी भूरी हो सकती है जबकि अंदर की परत कच्ची रह सकती है। इसलिए धैर्य के साथ तलना इस रेसिपी का जरूरी हिस्सा है।




चाशनी में डालकर दें अंतिम स्वाद




चंद्रकला के लिए एक तार की चाशनी तैयार की जा सकती है। इसके लिए चीनी और पानी को पकाकर चाशनी बनाएं और उसमें थोड़ा इलायची पाउडर डालें। तली हुई चंद्रकला को कुछ देर गर्म चाशनी में डालें, ताकि मिठास अच्छी तरह अंदर तक पहुंचे। इसके बाद इन्हें निकालकर प्लेट में रखें और ऊपर से पिस्ता या बादाम से सजाएं। चंद्रकला को पूरी तरह चाशनी में बहुत देर तक न छोड़ें, वरना इसकी कुरकुराहट कम हो सकती है।




स्वाद के साथ बनावट का भी रखें ध्यान




चंद्रकला का स्वाद तभी बेहतर लगता है जब बाहर की परत हल्की कुरकुरी और अंदर की भरावन मुलायम हो। इसके लिए आटा बहुत नरम न रखें, भरावन में ज्यादा नमी न होने दें और तलते समय आंच का संतुलन बनाए रखें। चाशनी भी बहुत पतली न हो। घर पर बनाई गई यह मिठाई थोड़ी मेहनत जरूर मांगती है, लेकिन त्योहार या खास मौके पर परिवार के साथ इसका आनंद लेने का मजा ही अलग है।

#घरेलू उपाय से रखें पेट साफ



Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0